मार्केट में आने वाले हैं अंडे से बने पनीर सहित ये प्रोडक्ट, इस यूनिवर्सिटी ने किया तैयार

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Updated: September 1, 2019, 11:15 PM IST
मार्केट में आने वाले हैं अंडे से बने पनीर सहित ये प्रोडक्ट, इस यूनिवर्सिटी ने किया तैयार
डॉ मनीष कुमार ने कहा कि आने वाले 3 महीने में हमने एक-दो कंपनियां, जो बहुत बड़ी लेवल पर हैं, के साथ एमओयू साइन करने वाले हैं. (Demo Pic)

पंजाब (Punjab) की गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी (Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University) ने पहली बार अंडों से कई तरह के प्रोडक्ट बनाए हैं, जिनकी मार्केट वैल्यू काफी है.

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दुनिया में तीन तरह का भोजन लोग खाते हैं, पहला वेजिटेरियन (Vegetarian), दूसरा एगेटेरियन (eggetarian) और तीसरा नॉन-वेजिटेरियन (Non-Vegetarian). लेकिन यह खबर एगेटेरियन के लिए बहुत काम की है. दुनिया में सबसे ज्यादा लोग एगेटेरियन है और आने वाले समय में दुनिया में अंडों से बने हुए प्रोडक्टों की डिमांड सबसे ज्यादा हो सकती है क्योंकि पंजाब (Punjab) की गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी (Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University) ने पहली बार अंडों से कई तरह के प्रोडक्ट बनाए हैं, जिनकी मार्केट वैल्यू काफी है.

आपने पनीर के बारे में तो सुना होगा लेकिन अंडों का पनीर पहली बार सुन रहे होंगे और यही नहीं अंडों से जूस, अंडों का अचार, अंडों का चटनी के अलावा तकरीबन 16 तरह के प्रोडक्ट यूनिवर्सिटी ने तैयार किए हैं, जो जल्द ही मार्केट में उपलब्ध हो जाएंगे. इसके लिए यूनिवर्सिटी ने किसानों को ट्रेनिंग देनी भी स्टार्ट कर दी है. जिससे छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक इन प्रोडक्टों से अच्छी आमदनी ले सकते हैं.

कनाडा से अंडों से बने प्रोडक्टों की ट्रेनिंग लेने आए रजिंदर कपूर का कहना है कि कनाडा में नॉनवेज के कई तरह के पिकल बनाते हैं और जिनकी अच्छी सेल वहां हो रही है. जैसे ही उन्हें पता चला कि अंडों से कई तरह के नए प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग चल रही है तो वह सीधे कनाडा से यह ट्रेनिंग लेने आ गए. उन्होंने कहा कि कनाडा जैसे देश में प्रोटीन खाने की बहुत ज्यादा डिमांड है. इसलिए वहां इस प्रोडक्ट्स की काफी सेल हो सकती है. जिससे वह अच्छी रोजी रोटी कमा सकते हैं क्योंकि नॉन-वेजिटेरियन से ज्यादा लोग दुनिया में एगेटेरियन हैं. यह अपनी तरह के एक नए तरह के प्रोडक्ट हैं, जिनकी डिमांड मार्केट में काफी हो सकती है.

होशियारपुर में सुअरपालन का काम करने वाले अमित कुमार ने कहा, 'पिछले साल हमें यूनिवर्सिटी से नए प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग का पता चला था. जिसे सीखने के लिए हम आए हैं और हमें लगता है कि हमने पूरा इंडिया घुमा है लेकिन अंडों से बने प्रोडक्ट हमने नहीं देखे. इसलिए हमें लगता है कि आने वाले दिनों में इसका काफी बड़ा मार्केट बन सकता है. इसलिए हम ट्रेनिंग लेकर यह नया काम करना चाहते हैं.'

जम्मू कश्मीर की डॉ राधिका शर्मा यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रही हैं. उनका कहना है कि अंडे से बने जो पदार्थ हैं, हमारी कंट्री और वर्ल्ड में इतने ज्यादा नहीं बने हैं और ना ही लोगों को पता है. इसलिए आने वाले दिनों में इसमें बहुत बड़ा करियर नजर आ रहा है. मैंने यह सोचा है कि मैं कोशिश कर इन प्रोडक्ट का स्टार्टअप जम्मू में चलाना चाहूंगी क्योंकि इसमें काफी ज्यादा ग्रोथ हो सकती है. और यह हेल्थ के लिए भी अच्छे प्रोडक्ट हैं.


गुरु अंगद देव वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ मनीष कुमार चैटर्ली ने इसके ऊपर पूरी रिसर्च की है. डॉ मनीष कुमार का कहना है, 'अभी तक अंडों को लोग दो ही तरीकों से खाते हैं, एक तो बॉयल करके या भुर्जी बनाकर, लेकिन हमने अंडों को लेकर तकरीबन 16 तरह के प्रोडक्ट बनाए हैं. जिसमें अंडों की चटनी है, जैम है, पनीर है, एग वेज सूप, एग वेज चिप्स, एग वेज पराठा जैसे तकरीबन 16 तरह के अलग-अलग प्रोडक्ट शामिल हैं.'

अंडे से तकरीबन 16 तरह के अलग-अलग प्रोडक्ट बनाए गए हैं (Demo Pic)

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अंडे से बने प्रोडक्ट पूरी तरह से केमिकल फ्री
प्रोफेसर डॉ मनीष कुमार ने कहा कि यह पूरे भारत में रिकॉर्ड है क्योंकि किसी भी यूनिवर्सिटी ने इतना बड़ी प्रोडक्ट से रिसर्च करके नहीं बनाए हैं. जिससे आने वाले दिन में किसानों और छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होगा. यह ऐसे प्रोडक्ट हैं जो भारत की जीडीपी में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं. यह भारत में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जिसमें हम लोगों को इसकी ट्रेनिंग देकर इसे किस तरह से बनाना है, सब सिखाते हैं. अंडे की स्मैल या दुर्गंध आती है, उसे भी दूर किया जाता है. जिससे लोग इस प्रोडक्ट को अच्छी तरह से खा सके. सबसे बड़ी बात यह है कि हमने अंडे से जो प्रोडक्ट बनाये हैं वो पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं.

भारत में बनते हैं हर साल 85 बिलियन अंडे
प्रोफेसर डॉ मनीष कुमार ने कहा, 'भारत में 85 बिलियन अंडे हर साल बनाए जाते हैं. जिसकी 10% से 12% वृद्धि से बढ़ रही है. लेकिन कैपिटल कंजंक्शन एचडी लगभग 66 अंडे प्रति व्यक्ति है और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के द्वारा यह कहा गया है कि आधा अंडा हर रोज हर व्यक्ति को खाना चाहिए. जिससे लगभग 180 अंडे प्रति वर्ष एक व्यक्ति पर बनते हैं, जिससे उसकी प्रोटीन की जरूरत पूरी हो सके. हम लोगों को सस्ते रेट पर अलग-अलग वैरायटी में अंडे से मिलने वाली प्रोटीन को उपलब्ध कराएंगे.'

प्रोफेसर ने कहा कि 80 प्रतिशत भारतीय अंडे जरूर खाते हैं इसलिए उनके लिए यह एक बहुत बड़ा तोहफा होगा. एक बात और प्रोडक्ट बनाने का मार्केट भारत में सिर्फ एक परसेंट है. इसलिए इन प्रोडक्टों से काफी ज्यादा ग्रोथ मिल सकती है और आने वाले दिनों में यह आम आदमी की आमदनी का बहुत बड़ा साधन बन सकती है. जिससे देश की गरीबी और बेरोजगारी दूर करने में भी एक बड़ा योगदान हो सकता है.

डॉ मनीष कुमार ने कहा कि आने वाले 3 महीने में हमने एक-दो कंपनियां, जो बहुत बड़ी लेवल पर हैं, के साथ एमओयू साइन करने वाले हैं. इसके अलावा मिड डे मील स्कीम में भी इन प्रोडक्ट को यूज कर के बच्चों में प्रोटीन और अच्छा प्रोटीन दे सकते हैं. जिससे बच्चों में आयरन, जिंक और अन्य कमियां दूर कर सकते हैं.​

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First published: September 1, 2019, 10:12 PM IST
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