Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    जालंधर की परांठेवाली बेबेजी से मिलिए, जिन्हें दिलजीत दोसांझ ने प्रमोट किया

    कमलेश कुमारी को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1 लाख रुपए की मदद पहुंचाई है. (फोटो: Capt.Amarinder Singh
@capt_amarinder/Twitter)
    कमलेश कुमारी को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1 लाख रुपए की मदद पहुंचाई है. (फोटो: Capt.Amarinder Singh @capt_amarinder/Twitter)

    उनके जवाब ज्यादातर छोटे ही होते हैं, क्योंकि वह अपने छोटे से स्टाल में अपने हांथों से ताजे परांठे बनाने और परोसने में व्यस्त हैं. हर किसी के लिए वह बेबे हैं. उनका नाम कमलेश कुमारी (Kamlesh Kumari) है और उनकी उम्र 70 साल है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 11, 2020, 3:29 PM IST
    • Share this:
    चंडीगढ़. उनका नाम कमलेश कुमारी है और वह 70 साल की एक मजबूत महिला हैं. कई जालंधर निवासियों के लिए फगवाड़ा गेट मार्किट में स्थित 'बेबेजी' एक छोटा सा खाने का स्टाल पिछले तीन दशक से जायकेदार परांठे और सब्जी का पर्याय चुका है, जिसका स्वाद बिलकुल घर जैसा है. लेकिन सोशल मीडिया (Social Media) में उनके एक वीडियो के वायरल होने के पहले खाना बनाने में निपुण इस महिला के बारे में बहुत से लोग जानते भी नहीं थे. हर किसी के लिए वह बेबे हैं. उनका नाम कमलेश कुमारी है और उनकी उम्र 70 साल है.

    उनके जवाब ज्यादातर छोटे ही होते हैं, क्योंकि वह अपने छोटे से स्टाल में अपने हांथों से ताजे परांठे बनाने और परोसने में व्यस्त हैं. जो पिछले 28 सालों से उनकी काम करने की जगह है. हां, लेकिन इस छोटे से स्टाल ने उन्हें जिंदगी जीने में पूरी मदद की. इसकी सहायता से उन्होंने अपने बेटे की परवरिश की जो अब एक टैक्सी ड्राइवर है और कमलेश उनके साथ रहती हैं और अभी भी उनकी मदद करती हैं.

    परिस्थितियां कुछ इस प्रकार की हैं कि उनके पीछे स्थित दो दुकानें उन्हीं की हैं जो उनके मां की मृत्यु के बाद उन्हें मिलीं थीं, लेकिन वह इस स्थान का उपयोग अपने लिए नहीं कर सकतीं. दशकों पहले उनकी मां ने यह दुकाने केवल 400 रूपए में किराए पर दे दी थीं और पुराने किरायेदारी के नियम के अनुसार किराया अभी भी उतना ही है. दुकानों के ऊपर बना पुराना घर भी उन्हीं का है. मगर घर के जीर्ण शीर्ण अवस्था में होने के कारण कमलेश यहां से दूर मॉडल टाउन में रहती हैं.




    वह हर रोज साइकिल चलाकर अपने स्टॉल जाती हैं और ग्राहकों को खाना खिला कर आजीविका कमाती हैं. लॉकडाउन ने उनके व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ग्राहकों की संख्या कम हो गयी और अभी भी काफी कम है. जैसे ही उनके वीडियो वायरल हुआ और यह वीडियो प्रसिद्ध अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने शेयर किया, लोगों का ध्यान बेबे की ओर गया और बेबे की बिक्री बढ़ाने के लिए वह उनके स्टाल पर आने लगे. लुधियाना की एक NGO ने उनसे संपर्क किया और राज्य की महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने उनका सम्मान भी किया. जालंधर प्रशासन ने उन्हें 50000 रुपए का एक चेक भी दिया है और कल मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Amarinder Singh) ने एक लाख रुपये की मदद की है.


    साधारण सी महिला कमलेश कुमारी दुःख प्रकट करती हैं कि जब लोग होटल में खाने पर हजारों खर्च करते हैं तो क्यों नहीं उनका खाना खाते जो बहुत ही सस्ता है. 'मैं दाल और सब्जी तो बहुत ही कम कीमत पर देती हूं' बच्चे मुझसे मांगते हैं तो मुझे काम करना पड़ता है और में क्या करूं ? आजकल बाजार बंद हैं तो बहुत कम वाहन दिखाई दे रहे हैं. अब पहले वाली बात नहीं रही.' क्या आप खुश हो ? 'तो क्या करूं फिर ? करना ही पड़ता है. वह एक प्यारी सी मुस्कान के साथ कहती हैं. वह सचमुच एक विजेता हैं जिन्होंने कभी हार नहीं मानी और लोगों के लिए प्रेरणा हैं.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज