MeToo Case: पंजाब कैबिनेट मंत्री के खिलाफ राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन ने खोला मोर्चा

पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी.

पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी.

Punjab MeToo Case: सरकार को चेतावनी देते हुए महिला आयोग कि चेयरपर्सन ने कहा है कि इस मामले में सप्ताह भर में सरकार का कोई जवाब नहीं आया तो वह भूख हड़ताल करेंगी.

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चंडीगढ़. पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार चौतरफा घिरी हुई नजर आ रही है. इस बार राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी (State Women's Commission Chairperson Manisha Gulati) ने 2018 के मी-टू (Me-Two case) मामले में तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Technical Education Minister Charanjit Singh Channi) के खिलाफ मोर्चा खोला है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार के कुछ आला अधिकारी उन पर आरोप लगा रहे हैं कि आयोग ने जानबूझ कर इस मामले में कार्रवाई नहीं की.

मनीषा गुलाटी ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद उन्होंने सरकार से रिपोर्ट मांगी थी जो उन्हें दो साल बाद भी नहीं मिली. उन्होंने कहा है कि इस मामले में वह सरकार से स्पष्टीकरण (Sought a report from the government) चाहती हैं. सरकार को चेतावनी देते हुए महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि इस मामले में सप्ताह भर में सरकार का कोई जवाब नहीं आया, तो वह भूख हड़ताल (Hunger strike) करेंगी. साथ मनीषा ने यह भी कहा है कि धमकियों की वजह से उन्हें किसी भी तरह की जान माल की क्षति हुई, तो इसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी.

क्या है मामला

पंजाब के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर 2018 में एक महिला आईएएस अधिकारी (Female IAS officer) ने ‘मी-टू’ के तहत आरोप लगाए थे. महिला आयोग ने इस मामले में 6 नवंबर 2018 में सरकार को चिट्ठी लिखकर इसकी रिपोर्ट मांगी थी. उस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) इजरायल दौरे पर थे. वापिस आने पर उन्होंने जानकारी दी थी कि चन्नी ने उस महिला से माफी मांग ली है. इस चिट्ठी का सरकार ने उस समय कोई जवाब नहीं दिया था.


मनीषा गुलाटी ने कहा कि इस मामले में अब कुछ अधिकारी दखल दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी जवाबदेही जनता को है अधिकारियों को नहीं. उन्होंने मुख्य सचिव विनी महाजन (Chief Secretary Vini Mahajan) को पत्र लिख कहा कि सरकार ने जवाब नहीं दिया, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी. इसके लिए कोर्ट भी जाना पड़े तो जाऊंगी.

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