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पंजाब-हरियाणा को तंबाकूमुक्‍त करने के प्रयास में जुटीं मोहाली की उपिंदर, कर रहीं ये अहम काम

उपिंदर प्रीत कौर गिल कर रही समाज की बेहतरी के काम. (Pic- Social Media)
उपिंदर प्रीत कौर गिल कर रही समाज की बेहतरी के काम. (Pic- Social Media)

Tobacco Free punjab haryana: उपिंदर की मां ने जनरेशन सेवियर नाम से एक संस्‍था का गठन किया था. यह संस्‍था लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की बेहतरी की दिशा में काम करती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 11:37 AM IST
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नई दिल्‍ली. पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) को तंबाकूमुक्‍त (Tobacco Free) करने के लिए मोहाली की एक महिला पूरे जोश से जुटी हुई हैं. तंबाकू के खिलाफ अभियान के अलावा युवाओं में स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर भी जागरूकता फैला रही हैं. इसके अलावा अपने करियर में आगे बढ़ने को लेकर भी ये महिला काफी काम कर रही हैं. इनका नाम उपिंदर प्रीत कौर गिल है. उनके कार्यों की प्रशंसा हर ओर हो रही है.

मां ने शुरू किया था प्रयास
उपिंदर पहले युवा पार्षद भी थीं. उस दौरान भी लोगों ने उनके काम को सराहा था. वह एक समाजसेवी संस्‍था चलाती हैं. इसके तहत वह समाज में जागरूकता अभियान फैलाती हैं. उनका कहना है कि पंजाब और हरियाणा को तंबाकूमुक्‍त बनाने के लिए कार्य काफी पहले ही शुरू हो चुका था. उपिंदर ने जानकारी दी कि उनकी मां अमितेश्‍वर कौर हाईकोर्ट में वकील थीं. 1996 में उन्‍होंने पंजाब को तंबाकूमुक्‍त व नशामुक्‍त बनाने की दिशा में काफी काम किया.

मां ने जनरेशन सेवियर नाम से एक संस्‍था का गठन किया था. यह संस्‍था लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की बेहतरी की दिशा में काम करती है. यह संस्‍था और संस्‍था से जुड़े लोग स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में सरकार व विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के प्रोजेक्‍ट पर भी काम करती है.
मां के काम को आगे बढ़ाया


उपिंदर ने बताया कि 2015 में उनकी मां का देहांत हो गया था. उस समय वह तीसरी जीत हासिल करके पार्षद बनी थीं. लेकिन मां की मौत के कारण परिवार शोक में था. उपिंदर की शादी को सिर्फ 14 दिन हुए थे. ऐसे में उनके सामने उनकी मां के प्रयासों को आगे बढ़ाने की चुनौती थी. लेकिन उन्‍हें सब लोगों की मदद मिलेगी और उनकी मां के प्रयास को उन्‍होंने आगे बढ़ाया. इसके साथ ही उन्‍होंने घर-परिवार को भी संभाला. वह पार्षदी का चुनाव भी जीतीं.

एक्‍ट में करवाना चाह रहीं अहम बदलाव
उनकी मां की ओर से पंजाब में शुरू किया गया अभियान उन्‍होंने हरियाणा तक पहुंचा दिया है. उपिंदर ने बताया कि उनकी संस्‍था की ओर से अब सिगरेट व तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 में बड़ा अहम बदलाव कराने का प्रयास किया जा रहा है. दरअसल हर साल इस एक्ट पर कोर्ट आम लोगों की राय मांगता है. ऐसे में उनकी एनजीओ की ओर से सिगरेट अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम में वैध आयु 18 को 21 करवाने के लिए अपील की जा रही है.



उनके इस अभियान के तहत संस्था की ओर से पंजाब और हरियाणा में करीब 700 सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवकों को जोड़ा जा रहा है. सभी की ओर से प्राप्‍त सुझावों को कानून में बदलाव करवाने के लिए प्रेजेंटेशन तैयार की जा रही है. इस बदलाव के लिए 31 जनवरी 2021 तक कोर्ट में विंडो खुली हुई है.
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