पंजाब में तेजी से जलाई जा रही पराली, 2 हफ्ते में सामने आईं 1200 घटनाएं

पंजाब में तेजी से जलाई जा रही है पराली.
पंजाब में तेजी से जलाई जा रही है पराली.

पीपीसीबी की ओर से इस साल अब तक 350 किसान पराली (Stubble Burning) जलाते पकड़े गए हैं. उन पर अब तक कुल 9.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 7:36 AM IST
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नई दिल्‍ली. हर साल की तरह इस साल भी पंजाब (Punjab) में किसान बड़ी मात्रा में पराली (Stubble Burning) जलाने की शुरुआत की चुके हैं. इससे दिल्‍ली समेत अन्‍य राज्‍यों में वायु प्रदूषण का स्‍तर भी बढ़ रहा है. इस साल 21 सितंबर से शुरू हुए धान की कटाई के पहले दो हफ्तों में पराली जलाने की घटनाएं 1,206 दर्ज की गई हैं. यह इसी अवधि में 2019 की खरीफ फसल के दौरान दर्ज किए गए ऐसे मामलों (264) से लगभग पांच गुना अधिक है. अब इस समस्‍या को लेकर अफसरों के बीच चिंता जाहिर हो रही है.

पंजाब में पराली जलाने की कुल घटनाओं में से अकेले 50 फीसदी अमृतसर में सामने आई हैं. अमृतसर में 686 मामले दर्ज किए गए हैं. अमृतसर के बाद तरनतारन में 259, गुरदासपुर में 50 और पटियाला 60 मामले दर्ज किए गए हैं. जिन जिलों में धान की शुरुआती किस्मों की बुवाई की गई है, वहांअधिकांश मामले दर्ज किए गए हैं. कृषि विभाग के अफसर के मुताबिक पिछली खरीफ फसल की तुलना में राज्य की एजेंसियों ने इस सीजन में कड़े कदम उठाए हैं और पराली जलाने की घटनाओं पर काबू पाने की संभावना है. हालांकि, चीजें गड़बड़ा गई हैं. उन्होंने मामलों में बढ़ोतरी को शुरुआती फसल के लिए जिम्मेदार ठहराया.

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) हालांकि बढ़ोतरी को कम दिखाता है. बोर्ड के सदस्य सचिव क्रुणेश गर्ग ने कहा, "यह सीजन की शुरुआत है और वास्तविक रुझान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक सामने आएंगे. जब हम सीजन के बीच में होंगे.' 2018 और 2019 सीजन में मामलों की संख्या 50,000 को पार कर गई थी और गर्ग ने उम्मीद जताई है कि इस संख्या में अब कमी आएगी.

इन आग की घटनाओं की जांच के लिए राज्य सरकार ने धान उगाने वाले गांवों में सतर्कता बरतने के लिए 8,000 नोडल अधिकारियों को अधिकृत किया है. राज्य में 10,500 गांव हैं, जहां इस वर्ष धान 66 लाख एकड़ से अधिक हुआ है. इसमें से 17.5 लाख एकड़ लंबी फसल सुगंधित बासमती की है. पीपीसीबी की ओर से इस साल अब तक 350 किसान पराली जलाते पकड़े गए हैं. उन पर अब तक कुल 9.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अन्य 98 मामलों में उल्लंघनकर्ताओं की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है.
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