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जेल में सजा काट रहे सिद्धू ने नवरात्रि के दौरान 9 दिवसीय 'मौन व्रत' शुरू किया

रोड रेज मामले में जेल की सजा काट रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने 9 दिन के लिए मौन व्रत रख लिया है.

रोड रेज मामले में जेल की सजा काट रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने 9 दिन के लिए मौन व्रत रख लिया है.

रोड रेज मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार से ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने ट्वीट कर दी जानकारी.
सोमवार से लेकर अगले 9 दिनों तक सिद्धू मौन व्रत रखेंगे.
विपक्ष ने कहा कि सवालों के जवाब देने से बचने के लिए मौन व्रत रखा.

चंडीगढ़. रोड रेज मामले में एक साल की सजा काट रहे पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने सोमवार को पटियाला सेंट्रल जेल में नवरात्रों के दौरान अनशन के तहत नौ दिन का ‘मौन व्रत’ शुरू किया है. पूर्व क्रिकेटर की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने ट्वीट कर जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि सिद्धू अगले नौ दिनों तक किसी से नहीं मिलेंगे और मौन रखेंगे. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पति के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, “मेरे पति नवरात्रि के दौरान मौन रहेंगे और 5 अक्टूबर के बाद विजिटर्स से मिलेंगे.” जेल अधिकारियों के अनुसार, सिद्धू ने डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपना आहार लिया, लेकिन वह चुप रहे. वह किसी से बात नहीं कर रहे हैं. लिखित या सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद कर रहे हैं.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जेल के एक अधिकारी ने कहा कि मौन व्रत के दौरान वह शांत हैं और अपनी रस्में निभा रहे हैं. उन्होंने हमें बताया था कि वह हर नवरात्रि में उपवास रखते थे और हर साल कुछ दिन मौन भी रखते थे. यह उनके लिए सामान्य है, लेकिन हम पहली बार इतना उपवास देख रहे हैं.  सिद्धू ने खुद कई बार कहा है कि उन्हें देवी दुर्गा में दृढ़ विश्वास है और यहां तक ​​कि अक्सर जम्मू के कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर भी जाते हैं. हालांकि, उनके विरोधियों का कहना है कि सिद्धू ने चुप्पी का विकल्प चुना क्योंकि लुधियाना की एक अदालत ने उन्हें अदालत में अपना बयान दर्ज करने के लिए तलब किया था. जिसमें पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ आरोपों से संबंधित एक महत्वपूर्ण फाइल मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान गायब है.

आरटीआई एक्टिविस्ट कुलदीप खैरा ने कहा कि वह अपनी सुनवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लापता फाइल पर सवालों का सामना करना था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सिद्धू ने 20 मई को एक स्थानीय अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था.

Tags: Navjot singh sidhu

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