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क्या सुलझेगा पंजाब कांग्रेस का संकट? पार्टी के सीनियर लीडर्स से मिलेंगे नवजोत सिंह सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. (फाइल फोटो)

नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. (फाइल फोटो)

Punjab Congress Drama: नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उसे आलाकमान ने अब तक स्वीकार नहीं किया है.

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    नई दिल्ली. नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच तनाव जारी रहने के बीच पंजाब कांग्रेस प्रमुख 14 अक्टूबर को पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात करेंगे. रावत ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, “पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जुड़े कुछ संगठनात्मक मामलों को लेकर 14 अक्टूबर को शाम छह बजे मुझसे और वेणुगोपाल जी से मुलाकात करेंगे.” कांग्रेस महासचिव रावत के मुताबिक, यह मुलाकात वेणुगोपाल के कार्यालय में होगी.

    दिलचस्प बात यह है कि रावत की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जबकि एक दिन पहले ही नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में पिछले महीने मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली रजिया सुल्तान ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में भाग लेने का फैसला किया. मुख्यमंत्री चन्नी को लिखे अपने त्यागपत्र में, सुल्तान ने कहा था कि उन्होंने ‘नवजोत सिंह सिद्धू के साथ एकजुटता के तहत’ कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिया है. सुल्तान को सिद्धू का करीबी माना जाता है.

    सिद्धू का इस्तीफा ना तो स्वीकार हुआ और ना ही सिद्धू ने इसे वापस लिया
    यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को करीब एक पखवाड़े पहले सौंपे गए इस्तीफे की स्थिति को लेकर असमंजस बरकरार है. इस्तीफा न तो पार्टी ने स्वीकार किया है और न ही सिद्धू ने इसे वापस लिया है.

    इसलिए पार्टी और सिद्धू में हुए मतभेद
    दोनों के बीच मतभेद इसलिए शुरू हुए क्योंकि सिद्धू कथित तौर पर अटॉर्नी जनरल और पुलिस महानिदेशक की नियुक्तियों से नाखुश थे. सिद्धू ने राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट में शामिल किए जाने पर भी नाखुशी जाहिर की थी, जिसके बारे में सिद्धू ने दावा किया है कि उसका अतीत ‘दागदार’ रहा है.

    सिद्धू ने 28 सितंबर को दिया था इस्तीफा
    उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा था कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे. उन्होंने पत्र में लिखा था, “किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं.”

    हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने अब तक सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. सूत्रों का कहना है कि 14 अक्टूबर की बैठक के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनेगी और फिर सिद्धू अपना इस्तीफा वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं.

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