Kisan Andolan के समर्थन में नवजोत सिंह सिद्धू ने पटियाला और अमृतसर में घर पर लगाया काला झंडा

किसानों के समर्थन में काला झंडा फहराते नवजोत सिंह सिद्धू

Kisan Andolan: किसान संगठनों ने मजदूरों, कर्मचारियों और कारोबारियों सहित सभी वर्गों से कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुटता प्रकट करने के लिए घरों, दुकानों और औद्योगिक इकाइयों पर काले झंडे लगाने की अपील की थी.

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    चंडीगढ़. केंद्र द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों (Kisan Andolan) के विरोध में आंदोलन जारी है. इस बीच पंजाब में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने किसानों का समर्थन करने के लिए अपने घर पर काला झंडा लगाया है. सिद्धू ने किसानों के समर्थन में पटियाला और अमृतसर में अपने आवास पर काला झंडा लगाया. झंडा लगाने के बाद सिद्धू ने एक वीडियो ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा, 'विरोध में काला झंडा फहराया... हर पंजाबी को किसानों का साथ देना चाहिए !!'

    इससे पहले सोमवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि वह किसानों के समर्थन में अपने घर पर काला झंडा लहराएंगे और उन्होंने अन्य लोगों से भी ऐसा ही करने का आह्वान किया है. सिद्धू ने ट्वीट किया था, ‘किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में मैं अपने दोनों घरों (अमृतसर और पटियाला) पर कल सुबह साढ़े नौ बजे काला झंडा लहराऊंगा....सभी से अनुरोध है कि वे भी ऐसा तब तक करें जब तक कि इन काले कानूनों को वापस नहीं ले लिया जाता या राज्य सरकार के जरिये निश्चित एमएसपी और खरीद की वैकल्पिक प्रक्रिया मुहैया नहीं करा दी जाती.'



    बता दें किसान संगठनों ने आंदोलन के समर्थन में अपने-अपने घरों पर काला झंडा लगाने की अपील की थी. किसान संगठनों ने मजदूरों, कर्मचारियों और कारोबारियों सहित सभी वर्गों से कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुटता प्रकट करने के लिए घरों, दुकानों और औद्योगिक इकाइयों पर काले झंडे लगाने की अपील की थी.

    22 जनवरी से कोई बातचीत नहीं हुई
    गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सिंघु, टीकरी और गाजीपुर सीमा पर नवंबर से ही प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि केंद्र सरकार का दावा है कि ये कानून किसानों के हित में हैं. किसानों और केंद्र के बीच इस मुद्दे पर 22 जनवरी से कोई बातचीत नहीं हुई है.

    इससे पहले भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की पंजाब इकाई के नेताओं ने दावा किया कि पंजाब के किसान बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमा के लिए कूच कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के छह महीने 26 मई को पूरे हो रहे हैं और इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने के लिए संगठन के आह्वान पर किसान कूच कर रहे हैं.