गोल्डन टेंपल में खुदाई के दौरान मिले पुरानी इमारत के ढांचे, विवाद में दो गुट आपस में भिड़े

गोल्डन टेंपल में खुदाई में पुरानी इमारत के ढांचे मिले.

2 जुलाई को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने जोरा घर (भक्तों के लिए गरुद्वारे में आने पर अपने जूते रखने के लिए एक जगह) और गठरी घर (क्लॉक हाउस) को प्रवेश द्वार की ओर विकसित करने का काम शुरू किया था.

  • Share this:
    चंडीगढ़. अमृतसर में स्वर्ण मंदिर (Golden Temple in Amritsar) के बाहर अकाल तख्त सचिवालय (Akal Takht Secretariat) के पास जोरा घर और पार्किंग के निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान कारसेवकों और सिख सद्भावना दल के कार्यकर्ताओं के एक समूह के बीच उस समय झड़प हो गई, जब खुदाई कार्य के दौरान मिली भूमिगत सुरंग जैसी संरचनाओं में कंक्रीट भरने की कोशिश की जा रही थी.

    2 जुलाई को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने जोरा घर (भक्तों के लिए गरुद्वारे में आने पर अपने जूते रखने के लिए एक जगह) और गठरी घर (क्लॉक हाउस) को प्रवेश द्वार की ओर विकसित करने का काम शुरू किया था. सचिवालय कार सेवा (स्वैच्छिक सेवा) बाबा कश्मीर सिंह भूरीवाले को सौंपी गई थी. कारसेवक साइट की खुदाई कर रहे थे, तो वहां नानकशाही ईंटों से बनी सुरंगों जैसी दो संरचनाएं बाहर दिखने लगीं.

    इसे भी पढ़ें :- सत्ता में आने पर पंजाब में दो डिप्टी सीएम बनाएगा SAD-BSP गठबंधन: सुखबीर बादल

    कुछ कार्यकर्ताओं ने इन सुरगों को बंद करने पर आपत्ति जाहिर की क्योंकि वे चाहते थे कि संरचनाओं की जांच की जाए. इस दौरान एसजीपीसी ने भी काम नहीं रोका. सिख कार्यकर्ता और भजन गायक बलदेव सिंह वडाला मौके पर पहुंचे और उनके समर्थक निर्माण कार्यकर्ताओं से भिड़ गए. इस दौरान प्रवक्ता सिंह भूरीवाले ने सभी सवालों को एसजीपीसी के पाले में डाल दिया. उधर वडाला ने कहा कि हम सिर्फ एसजीपीसी से यह जांच करने के लिए कह रहे हैं कि ये संरचनाएं क्या हैं. शायद वे सिख गुरुओं के काल की हैं. लेकिन वे जांच के बजाय इन ढांचों को कंक्रीट के नीचे दबा देना चाहते हैं. पहले से ही कार सेवा संगठनों ने पंजाब के अंदर और बाहर ऐतिहासिक गुरुद्वारा इमारतों को काफी नुकसान पहुंचाया है. लेकिन हमारी बात सुनने के बजाय हम पर हमला किया गया.

    इसे भी पढ़ें :- पंजाब में सिद्धू के कांग्रेस चीफ बनने की खबरों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमे में क्यों मची है हलचल, समझिए

    एसडीएम विकास हीरा पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और अगले आदेश तक काम रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान एक सुरंग जैसी संरचना मिली है. सरकार के पुरातत्व विशेषज्ञ द्वारा स्थल की जांच करवाई जाएगी. एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि इसका कोई ऐतिहासिक महत्व नहीं है. फिर भी हम इसकी जांच कर सकते हैं. विवाद के बाद एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि हमने काम रोक दिया है और डिप्टी कमिश्नर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को इसकी सूचना देने को कहा है. यदि यह ऐतिहासिक महत्व की पाई जाती है तो हम इस संरचना को संरक्षित रखेंगे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.