पंजाब में 30 अप्रैल तक बढ़ा नाइट कर्फ्यू, राजनीतिक रैलियों पर प्रतिबंध, सभी शिक्षण संस्थान बंद

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

Coronavirus Cases in Punjab: कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार (Punjab government) ने 30 अप्रैल तक रैलियों पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही सभी शिक्षण संस्थान भी बंद करने के आदेश दिए हैं.

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चंडीगढ़. पंजाब में बढ़ते हुए कोरोना वायरस संक्रमित (coronavirus) के मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने रैलियों पर रोक लगा दी है. सरकार के आदेशों के बाद राज्य में कोई भी राजनीतिक दल (Political party) रैलियों का आयोजन नहीं कर पाएगा. इसके साथ ही सरकार ने 30 अप्रैल तक सभी शिक्षण संस्थानों (Educational Institutions) को बंद करने का भी निर्णय लिया है. 11 जिलों में नाइट कर्फ्यू (Night curfew) की मियाद को भी सरकार ने 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है.

पंजाब में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 2924 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसी अवधि में यहां 2350 मरीज ठीक हुए हैं और 63 की मौत हुई है। अब राज्य में कोरोना के कुल मामलों की संख्या दो लाख 57 हजार 57 हो गई है। राज्य में अभी 25,913 सक्रिय मामले हैं और अभी तक यहां 7216 लोगों की मौत हुई है. सरकार ने 10 अप्रैल तक पांबेदियां जारी रखने का आदेश दिया था, जिसे बढ़ाकर अब 30 अप्रैल तक कर दिया गया है.

मॉल में एक वक्त में 100 से अधिक व्यक्तियों को इजाजत नहीं
आदेशों के मुताबिक मॉल में एक वक्त में 100 से अधिक व्यक्तियों को इजाजत नहीं होनी चाहिए और सिनेमाघरों को आधी सीटें खाली रखने को कहा गया है. सबसे अधिक प्रभावित 11 जिलों में अंतिम संस्कार एवं शादियों को छोड़कर सभी सामाजिक जमावड़े पर पूर्ण पाबंदी लगायी गयी है. अंतिम संस्कार एवं शादियों में भी 20 लोगों को ही इजाजत है.



गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 बहुत तेज गति से फैल रहा है एवं महामारी की तीव्रता भी बढ़ी है तथा इसे देखते हुए अगले चार सप्ताह बेहद अहम रहने वाले हैं. सरकार ने संक्रमण की दूसरी लहर को काबू में करने के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल (NITI Aayog member Dr VK Paul) ने कहा है कि मामले तेजी से बढ़ने से देश में महामारी के हालत और खराब हुए हैं और आबादी का एक बड़ा हिस्सा संक्रमण के प्रति संवेदनशील है.
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