प्रशांत किशोर के संन्यास लेने से पंजाब में गर्माया सियासी माहौल, कैप्टन के लिए हो सकता है घातक

पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं और पंजाब का रणनीतिकार बनने के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए चुनावी जंग का खाका भी तैयार करना शुरू कर दिया था.

पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं और पंजाब का रणनीतिकार बनने के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए चुनावी जंग का खाका भी तैयार करना शुरू कर दिया था.

पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं और पंजाब का रणनीतिकार बनने के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए चुनावी जंग का खाका भी तैयार करना शुरू कर दिया था.

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चंडीगढ़. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में टीएमसी (TMC) की जीत के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Strategist Prashant Kishore) ने अपने पेशे से संन्यास (Retirement) लेने का ऐलान कर सबको अचरज में डाल दिया है. अचानक आए उनके इस बयान से पंजाब कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा है हालांकि उन्होंने कहा है कि अब उनकी टीम इस काम को आगे बढ़ाएगी. प्रशांत किशोर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने अपना राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किया है. बताते हैं कि उन्हें इस ओहदे पर लाने के लिए कैप्टन को अच्छी खासी मशक्त करनी पड़ी थी क्योंकि उन्होंने पंजाब के रणनीति तैयार करने से इनकार कर दिया था.

पंजाब में फीडबैक के लिए बैठकें कर चुके हैं प्रशांत किशोर

पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं और पंजाब का रणनीतिकार बनने के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए चुनावी जंग का खाका भी तैयार करना शुरू कर दिया था. इस बाबत वह कई बैठकें कर फीडबैक भी ले चुके हैं.

उन्होंने साफ तौर पर ऐसा नहीं कहा है कि वह अब पंजाब में काम नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने कहा है कि उनकी टीम काम करती रहेगी. पंजाब की राजनीति में बेअदबी के मामलों को लेकर काफी समीकरण बदल चुके हैं. कैप्टन के अपने ही पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Former minister Navjot Singh Sidhu) उनके लिए सिरदर्द बने हुए हैं. कई कांग्रेस के दिग्गज अंदर खाते उनसे नाराज चल रहे हैं. ऐसे में कैप्टन को आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के भीतर और बाहर रणनीति तैयार करनी है.


सियासी उठा-पटक से परेशान हैं कैप्टन

आए दिन पंजाब में हो रही सियायसी उठा-पटक कैप्टन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की भूमिका बहुत अहम मानी जा रही है. प्रशांत किशोर ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी तो तमिलनाडु में स्टालिन के लिए काम किया है. और चुनावी नतीजों से उनका कद और बढ़ गया है. 2017 में प्रशांत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए रणनीति तैयार की थी, जिसके बाद पंजाब में कांग्रेस की दस साल के बाद वापसी हुई थी. ऐसे में उनके संन्यास लेने की घोषणा से सबसे ज्यादा झटका कैप्टन को ही लगा है.
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