अमरिंदर सिंह बोले- राष्ट्रपति ने पंजाब के कृषि बिलों को सहमति नहीं दी तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

कैप्टन ने कहा कि सूबे के राज्यपाल ने अभी भी राज्य संशोधित विधेयकों राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा है.

कैप्टन ने कहा कि सूबे के राज्यपाल ने अभी भी राज्य संशोधित विधेयकों राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा है.

Punjab latest news in Hindi: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र को कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए, केंद्र सरकार को किसानों के साथ बैठना चाहिए और मौजूदा कृषि कानूनों के स्थान पर नए कानून बनाने चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 7:59 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने कहा है कि उनकी सरकार केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का पूरी तरह से विरोध करती है. उन्होंने कहा है कि यदि राष्ट्रपति राज्य संशोधित विधेयकों को स्वीकृति नहीं देते हैं तो हम सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाएंगे. कैप्टन ने कहा कि सूबे के राज्यपाल ने अभी भी राज्य संशोधित विधेयकों को राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा है. विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयकों को पारित किया है, लेकिन यह दुखद है कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे पर राजनीतिक खेल खेलना शुरू कर दिया है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि केंद्र को कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए, केंद्र सरकार को किसानों के साथ बैठना चाहिए और मौजूदा कृषि कानूनों के स्थान पर नए कानून बनाने चाहिए. उन्होंने कहा, 'इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने का क्या फायदा है?' उन्होंने कहा कि महिलाओं और बुजुर्गों के साथ गरीब किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हैं, आंदोलन शुरू होने के बाद से अकेले पंजाब में 112 किसानों की जान चली गई है.

पहले भी हो चुके हैं संशोधन
उन्होंने कहा कि संविधान में पूर्व में 100 से अधिक बार संशोधन किया गया है, इसलिए इन कानूनों को रद्द करके फिर से नए कानूनों को लागू करने के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता है? मुख्यमंत्री ने कहा, 'कृषि राज्य का विषय था और केंद्र को इस मामले पर कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं था.'






कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'केंद्र ने राज्य की शक्तियों का अतिक्रमण करके संविधान में निहित संघीय ढांचे को नष्ट करने की कोशिश की है.' मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि केंद्र सरकार किसानों से सदियों पुराने संबंधों को तोड़ने की कोशिश क्यों कर रही है. नए कानून मौजूदा व्यवस्था को सुधार नहीं सकते हैं, लेकिन खेती के क्षेत्र को नष्ट कर देंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज