कृषि कानूनों को 1 साल तक टालने से जुड़े अपने बयान पर पंजाब के CM ने दी सफाई

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)

Farm Laws: तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान कई दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 8:29 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मीडिया में आई उन बातों को खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि उन्होंने कृषि कानूनों को अगले एक साल तक रद्द करने के प्रस्ताव की बात कही है. राज्य सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी. सरकार ने अपने बयान में कहा कि सीएम की बातों को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया, जिसकी वजह से कृषि कानूनों के मद्देनजर उनकी राय को लेकर गलत छवि जाहिर करने की कोशिश की गई.



इसके साथ ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाएं और समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर विचार करें. उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान पंजाब की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जहां पिछले पांच-छह महीने में सीमा पार से हथियारों की तस्करी बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि वह और उनकी सरकार इस मुद्दे पर किसानों के साथ खड़ी है.



तीनों कृषि कानूनों को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसान कानून रद्द करने की अपनी मांगों पर अड़े हैं. कानूनों को लेकर सरकार ने किसान नेताओं को एक प्रस्ताव यह भी दिया था कि वे इन कानूनों को अगले एक से डेढ़ साल तक रद्द करने को तैयार है, लेकिन किसान फिर भी नहीं माने.



गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान दो महीनों से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.


क्या है मामला

कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी. वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी.


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