पंजाब: CM अमरिंदर सिंह की सिद्धू को चेतावनी- मेरे खिलाफ चुनाव लड़ा तो जमानत जब्त हो जाएगी

सिद्धू ने साल 2019 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. (फाइल फोटो)

सिद्धू ने साल 2019 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. (फाइल फोटो)

Punjab Assembly Election: पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर कहा कि अगर वो मेरे खिलाफ पटियाला से चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो उनका हाल भी जनरल जेजे सिंह जैसा होगा, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 7:22 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के बीच तनातनी का दौर जारी है. सीएम सिंह ने सिद्धू को चेतावनी दी है कि अगर वे उनके खिलाफ चुनाव में खड़े हुए, तो जमानत जब्त हो जाएगी. सीएम ने पूर्व क्रिकेटर को पटियाला सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. हालांकि, इसपर सिद्धू ने भी पलटवार किया है.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैं नहीं जानता कि वो कहा जाएंगे या कौनसी पार्टी में शामिल होंगे. अकाली दल उनसे नाराज है और बीजेपी उन्हें स्वीकारेगी नहीं... तो संभावनाएं आप की हैं. अगर वो मेरे खिलाफ पटियाला से चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो उनका हाल भी जनरल जेजे सिंह जैसा होगा, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी.' 2017 चुनाव में बीजेपी के रिटायर्ड जनरल जेजे सिंह को केवल 11.1 प्रतिशत वोट ही मिले थे, जिसके चलते उनकी जमानत जब्त हो गई थी.

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इधर, सिद्धू ने भी ट्वीट के जरिये सीएम सिंह पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, 'पंजाब की अंतरात्मा को पटरी से उतारने के प्रयास विफल हो जाएंगे... मेरी आत्मा पंजाब है और पंजाब की आत्मा गुरु ग्रंथ साहिबजी हैं... हमारी लड़ाई न्याय और दोषियों को दंडित करने के लिए हैं... एक विधानसभा सीट इस तरह से चर्चा करने के भी लायक नहीं है.' सिद्धू ने साल 2019 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच काफी बयानबाजी हुई थी.


हाईकोर्ट के फैसले ने आग में डाला घी

साल 2015 में हुए कोटकापुरा गोलीकांड मामले में इस हफ्ते आए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है. अपनी पार्टी और विपक्ष से आलोचना का सामना कर रहे सिद्धू ने सिंह पर शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया था. हालांकि, दोनों राजनेताओं के बीच सुलह कराने का जिम्मा कांग्रेस ने उठाया है. पार्टी ने राज्य प्रभारी हरीष रावत को दोनों के बीच विवाद खत्म कराने का जिम्मा सौंपा है.
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