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Punjab Congress में तनातनी जारी, सुलह की बैठक से उठकर चले गए नवजोत सिद्धू, हरीश चौधरी ने CM चन्नी को मनाया

Punjab Congress में तनातनी जारी, सुलह की बैठक से उठकर चले गए नवजोत सिद्धू, हरीश चौधरी ने CM चन्नी को मनाया

PPCC चेयरपर्सन सिद्धू और सीएम चन्नी के बीच विवाद जारी है (फाइल फोटो)

PPCC चेयरपर्सन सिद्धू और सीएम चन्नी के बीच विवाद जारी है (फाइल फोटो)

पंजाब में सरकारी नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी तनातनी के दौरान कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने सोमवार को दोनों नेताओं के साथ बैठक की. कोटकपूरा पुलिस फायरिंग की 2015 की घटना की जांच की स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने और राज्य में अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाने के कुछ ही घंटों बाद यह बैठक हुई. सूत्रों ने बताया कि सिद्धू के करीबी माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री परगट सिंह भी इस बैठक में मौजूद थे.

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    चंडीगढ़. पंजाब में विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Elections) से कुछ महीने पहले कांग्रेस के भीतर मचा घमासान खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. सोमवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी  (CM Charanjit Singh Channi) के बीच तनावपूर्ण स्थिति में बैठक हुई. सिद्धू कई नियुक्तियों पर मौजूदा राज्य सरकार के फैसले से खफा हैं. इस बैठक में राज्य प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे. हालांकि बैठक में दोनों नेताओं के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि सिद्धू बैठक छोड़कर ही चले आए. वहीं सीएम चन्नी को मनाने के लिए राज्य प्रभारी ने काफी कोशिश की. इस दौरान काबीना मंत्री परगट सिंह भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर कुछ कहा नहीं.

    बैठक के दौरान सिद्धू ने ए पी एस देओल और इकबाल प्रीत सिंह सहोता की क्रमश: राज्य के महाधिवक्ता और कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्ति का मुद्दा उठाया था. इस पर चन्नी ने कहा कि आखिरी फैसले से पहले किसी अधिकारी को हटाया नहीं जाएगा, इसी बात पर सिद्धू नाराज हो गए. वह तुरंत बैठक से बाहर आ गए. इसके बाद चन्नी भी गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया. उन्हें मनाने में राज्य प्रभारी को काफी मशक्कत करनी पड़ी. बता दें यह बैठक कोटकपूरा पुलिस फायरिंग की 2015 की घटना की जांच की स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने और राज्य में अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाने के कुछ ही घंटों बाद हुई.

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    इन दो मुद्दों पर सिद्धू ने की थी प्रेस वार्ता
    इससे पहले सिद्धू ने सोमवार को राज्य में अपनी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह 2015 कोटकपूरा पुलिस गोलीबारी की घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाएगी या दोषियों की ‘ढाल’ बनकर उनके साथ खड़ी होगी. उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि कोटकपूरा गोलीबारी की घटना की जांच छह महीने के भीतर पूरी कर ली जानी चाहिए.

    उन्होंने पूछा, ‘आज छह महीने और एक दिन बीत गया. (मामले में) चार्जशीट कहां है.’ वहीं नशीले पदार्थों पर एक विशेष कार्यबल की रिपोर्ट पर, सिद्धू ने राज्य सरकार से पूछा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से किसने रोका और उन्होंने ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ की आवश्यकता पर जोर दिया.

    राज्य सरकार के मंत्री ने दिया यह जवाब
    उधर पत्रकारों से सोमवार को बातचीत करते हुये कैबिनेट मंत्री राज कुमार वेरका ने कहा कि चन्नी और सिद्धू ने यहां एक बैठक की और जो भी गलतफहमी है उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा . यह पूछे जाने पर कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद कैसे खत्म होंगे, वेरका ने कहा कि चौधरी ने चन्नी और सिद्धू के साथ अलग-अलग और संयुक्त रूप से मुद्दों पर चर्चा की .

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    उन्होंने कहा, ‘कुछ मुद्दे थे और उन्हें आज काफी हद तक सुलझा लिया गया है और जो भी शेष मुद्दे हैं उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.’ महाधिवक्ता और डीजीपी को बदलने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘इन सभी बातों पर आपको बहुत जल्द जवाब मिल जाएगा.’ (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Charanjit Singh Channi, Congress, Navjot singh sidhu, Punjab Assembly Election 2022, Punjab news

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