पंजाब के कोविड समूह के डॉक्‍टर का दावा, पहली लहर में भी फैला था ब्‍लैक फंगस

देश में बढ़ रहे हैं ब्‍लैक फंगस के केस. (Pic- AP)

देश में बढ़ रहे हैं ब्‍लैक फंगस के केस. (Pic- AP)

Black Fungus: डॉक्‍टर का कहना है कि दूसरी लहर में ब्‍लैक फंगस का प्रकोप इसलिए अधिक है क्‍योंकि डॉक्‍टर स्‍टेरॉयड का अधिक इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

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चंडीगढ़. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) की स्थिति चिंताजनक है. हालांकि अब रोजाना आने वाले नए मामलों में कमी देखने को मिल रही है. लेकिन रोजाना होने वाली मौतें अब भी अधिक संख्‍या में हो रही हैं. इस बीच देश में म्‍यूकरमाइकोसिस या ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) नामक बीमारी भी तेजी से अपने पैर पसार रही है. देश के कई राज्‍यों में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. इस बीच पंजाब के कोविड विशेष समूह के प्रमुख डॉक्‍टर केके तलवार ने अहम दावा किया है. उनका कहना है कि ब्‍लैक फंगस के मामले कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान भी सामने आए थे.

डॉ. तलवार के अनुसार कोरोना की पहली लहर में भी ब्‍लैक फंगस के मामले देखे गए थे. लेकिन इस बार दूसरी लहर में मामलों में कई गुना बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. सिर्फ पंजाब में ही अब तक 158 लोग ब्‍लैक फंगस के शिकार हो चुके हैं.

डॉक्‍टर का कहना है कि दूसरी लहर में ब्‍लैक फंगस का प्रकोप इसलिए अधिक है क्‍योंकि डॉक्‍टर स्‍टेरॉयड का अधिक इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो वहीं डायबिटीज के मरीजों में ब्‍लड शुगर की अनियंत्रित मात्रा भी इसका प्रमुख कारण है.

उन्‍होंने जानकारी दी है कि ब्‍लैक फंगस को नई बीमारी नहीं है. कोरोना वायरस संक्रमण की पहली लहर के दौरान गुजरात और महाराष्‍ट्र जैसे कुछ राज्‍यों ने अपने यहां ब्‍लैक फंगस बीमारी की सूचना दी थी. इसके कुछ मामले कोरोना संक्रमण के पहले भी सामने आ चुके हैं.


उनका कहना है कि पीजीआईएमईआर में सामान्‍य दिनों में साल भर में ब्‍लैक फंगस के 50 मामले आते थे. लेकिन दूसरी लहर में एक महीने में ही 50 केस दर्ज किए गए हैं.

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