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पंजाब: किसानों को सब्सिडी पर मिली 100 करोड़ की पराली प्रबंधन मशीनें गायब

पंजाब: किसानों को सब्सिडी पर मिली 100 करोड़ की पराली प्रबंधन मशीनें गायब

20 जिलों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 11 फीसदी मशीनों का पता नहीं चल पाया है (सांकेतिक तस्वीर)

20 जिलों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 11 फीसदी मशीनों का पता नहीं चल पाया है (सांकेतिक तस्वीर)

Punja News: अधिकारियों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि मशीन जमीन पर मौजूद थी या नहीं, इसके सत्यापन 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए. बता दें कि पिछली कांग्रेस सरकार समय पर कार्रवाई करने में विफल रही थी और यह घोटाला अगले तीन वर्षों तक जारी रहा

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हाइलाइट्स

केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य भर में खरीदी गई 90,000 मशीनों का ऑडिट किया गया
20 जिलों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 11 फीसदी मशीनों का पता नहीं चला
करीब 100 करोड़ रुपये की मशीनरी गायब

(एस. सिंह)
चंडीगढ़.
1,178 करोड़ रुपये के कृषि-मशीनरी सब्सिडी के कथित घोटाले में कृषि विभाग ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 20 जिलों में 11 फीसदी मशीनरी का पता नहीं चल रहा है और करीब 100 करोड़ रुपये की मशीनरी गायब है. सरकार के सूत्रों के अनुसार तीन जिले अपनी रिपोर्ट जमा करने में विफल रहे हैं, जहां लापता मशीनरी की संख्या सबसे अधिक है.

द ट्रिब्यून की एक रिपोर्टक मुताबिक राज्य सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य भर में खरीदी गई 90,000 मशीनों में से प्रत्येक के ऑडिट और भौतिक सत्यापन का आदेश दिया था. अधिकारियों को लाभार्थी का नाम, गांव का नाम, किसान को मिलने वाली सब्सिडी की राशि, किसान का आधार नंबर और मशीन का विवरण सहित विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था. अधिकारियों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि मशीन जमीन पर मौजूद थी या नहीं, इसके सत्यापन 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए.

20 जिलों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 11 फीसदी मशीनों का पता नहीं चल पाया है. जिन जिलों में यह संख्या अधिक है, उनमें फरीदकोट (23 प्रतिशत), उसके बाद फिरोजपुर (17 प्रतिशत), अमृतसर और गुरदासपुर (प्रत्येक 14 प्रतिशत), फाजिल्का (13 प्रतिशत) और बठिंडा (12 प्रतिशत)  के साथ शामिल हैं. गौरतलब है कि पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को मशीनरी खरीदने के लिए चार साल (2018-19 से 2021-22) में 1,178 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की थी, हालांकि आरोप है कि अधिकारियों ने सब्सिडी की राशि का गबन कर लिया है.

यहां उल्लेखनीय है कि पिछली कांग्रेस सरकार समय पर कार्रवाई करने में विफल रही थी और यह घोटाला अगले तीन वर्षों तक जारी रहा. जब इस मामले को तूल दिया गया तो पिछली सरकार ने इसे छुपाने की कोशिश की. इसी वजह से राज्य को सब्सिडी तो मिली, लेकिन बड़ी संख्या में कृषि मशीनरी बैंक केवल कागजों पर ही रह गए.

Tags: Punjab, Stubble Burning

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