पंजाब सरकार ने पत्रकारों को किया कोरोना फ्रंट लाइन वॉरियर्स की लिस्ट में शामिल

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (पीटीआई फाइल फोटो)

Punjab Coronavirus News: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वह पूर्ण लॉकडाउन के हक में नहीं हैं, लेकिन राज्य में लगाई बंदिशों की पालना न करने वालों को चेतावनी भी दी.

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चंडीगढ़. पंजाब सरकार (Punjab government) ने सूबे के मान्यता प्राप्त और येलो कार्ड धारक (Recognized and yellow card) पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स (Front Line Warriors) की सूची में शामिल कर लिया है. राज्य में बिजली निगम Electricity Corporation के सभी कर्मचारियों को भी फ्रंटलाइन वर्करों के दायरे में लाया गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने कहा कि पत्रकारों सहित बिजली निगम के कर्मचारी प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने सहित उन सभी लाभों के लिए योग्य होंगे, जो बाकी फ्रंटलाइन वर्करर्स राज्य सरकार से हासिल करने के हकदार हैं.



जान जोखिम में डाल कर काम कर रहे हैं पत्रकार

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से अधिक समय से जमीनी स्तर पर महामारी से संबंधित कवरेज करने के लिए पत्रकार अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं और कोविड संबंधी जागरूकता में भी मदद कर रहे हैं. कैप्टन ने कहा कि हालांकि बहुत से राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स की कैटेगरी में शामिल करने के लिए मांग उठाई, परन्तु भारत सरकार ने अभी तक कोई स्वीकृति नहीं दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पत्रकारों की सुरक्षा के साथ-साथ बिजली निगम के कर्मचारियों को भी फ्रंटलाइन वर्करों की श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है क्योंकि बिजली कर्मचारी भी अस्पतालों और अन्य प्रमुख संस्थाओं में बिजली सम्बन्धी अत्यावश्यक सेवाएं मुहैया करवाते समय अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं.



पूर्ण लॉकडाउन के हक में नहीं हैं कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा है कि वह पूर्ण लॉकडाउन के हक में नहीं, लेकिन राज्य में लगाई बंदिशों की पालना न करने वालों को चेतावनी देते हुये कहा कि यदि स्थिति में सुधार न हुआ, तो उन्हें पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. राज्य में अब तक संपूर्ण लॉकडाउन के आदेश देने से सरकार ने गुरेज ही किया है क्योंकि इससे सबसे अधिक मार गरीबों पर पड़ती है. कैप्टन  ने केंद्र सरकार को राज्य को और ऑक्सीजन टैंकर मुहैया करवाने की अपील भी की है. गौरतलब है कि पंजाब के पास कोविड पीड़ित मरीजों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन के लिए ज़रूरी टैंकर उपलब्ध नहीं हैं.


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