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कम जगह में कैसे पालें ज्‍यादा मछलियां, 60 फीसदी सब्सिडी देकर बता रही पंजाब सरकार

कम जगह में ज्‍यादा मछलियां कैसे पालें, बता रही है पंजाब सरकार.

कम जगह में ज्‍यादा मछलियां कैसे पालें, बता रही है पंजाब सरकार.

पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस योजना में मछली पालन के लिए हर तरह के प्रोजेक्ट मौजूद हैं, जिनको अपनाने वाले लाभा ...अधिक पढ़ें

चंडीगढ़. पंजाब में मछली पालन के पेशे को बढ़ाने के लिए सीएम भगवंत मान की सरकार कई नई योजनाएं ला रही है. इसी को लेकर पंजाब के मछली पालन मंत्री लालजीत सिंह भुल्‍लर ने एक पोस्‍टर जारी किया है. जिसमें लोगों को मछली पालन के लिए 40 से 60 फीसदी तक सब्सिडी देने की बात कही गई है. इतना ही नहीं पंजाब सरकार लोगों को मछली पालन को अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित करते हुए कम जगह में ज्‍यादा से ज्‍यादा मछलियां पालने की तरकीबें भी बता रही है.

मछली पालन की पीएमएमएस योजना को लेकर कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस योजना में मछली पालन के लिए हर तरह के प्रोजेक्ट मौजूद हैं, जिनको अपनाने वाले लाभार्थियों को 40 से 60 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है. इस योजना के अधीन राज्य में पहली बार मछली और मछली के उत्पादों की ढुलाई के लिए 43 लाभार्थियों को मोटरसाईकल और ऑटो-रिक्शा खरीदने के लिए भी सब्सिडी दी गई है. साथ ही 120 हेक्टेयर नया क्षेत्रफल झींगा पालन के लिए भी तय किया गया है. जिसके लिए 107 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी गई है.

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब में लघु मछली फीड मिलें स्थापित करवाई जा रही हैं. जालंधर, पटियाला, एसएएस नगर, फरीदकोट और गुरदासपुर में प्राइवेट सैक्टर में कुल 5 लघु मछली फीड मिलों की स्थापना का काम जल्द मुकम्मल हो जायेगा. इस योजना की सहायता से री-सरकुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम और बायो-फ्लॉक कल्चर सिस्टम जैसी मछली पालन की नवीनतम तकनीकों का भी पंजाब में विकास किया जा रहा है, जिससे सीमित जगह और सीमित पानी का प्रयोग करके अधिक तादाद में मछली का उत्पादन किया जा सकता है.

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन तकनीकों को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कैंप लगाएगी ताकि अधिक से अधिक नौजवानों द्वारा इनको अपनाया जा सके. उन्होंने कहा कि इस योजना के अधीन मछली पालन और इससे जुड़े पेशों के विकास की अपार संभावनाएं हैं.

उन्होंने कहा कि पंजाब में मछली और झींगे की प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अभी बहुत काम करने की जरूरत है, क्योंकि इस क्षेत्र के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा यह योजना मछली के मंडीकरण को साफ-सुथरा और आसान करने में लाभकारी होगी.

इस समय पंजाब में 43,690 एकड़ क्षेत्रफल मछली पालन के अधीन है. राज्य में प्राकृतिक पानी, प्राईवेट और पंचायती छप्पड़ों में इस समय कुल 1,89,647 टन मछली का उत्पादन हो रहा है. मछली के पेशे को प्रोत्साहित करने के लिए 15 सरकारी मछली के पूंग फार्मों से मानक किस्म का मछली पूंग किसानों को रियायती दरों पर सप्लाई किया जा रहा है. मछली पूंग की पैदावार को बढ़ाने के लिए एक और नए सरकारी मछली पूंग फार्म की स्थापना गांव किल्यांवाली जि‍ला फाजिल्का में निर्माणाधीन है, जो जल्द ही मुकम्मल हो जायेगा. इसके अलावा राज्य के खारे-पानी से प्रभावित जिलों में रोजगार के साधन विकसित करने के लिए सरकार द्वारा झींगा पालन को बढ़ाया जा रहा है.

Tags: CM Punjab, Fish, Punjab news

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