गरीबों के लिए 25 हजार मकान बनाएगी पंजाब सरकार, कैबिनेट ने EWS नीति को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में शामिल हुए. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में शामिल हुए. (फाइल फोटो)

Punjab News: पॉलिसी के तहत सभी योग्य आवेदकों को पंजाब में जन्म का प्रमाण पत्र या राज्य में 10 साल रहने के सबूत पेश करने होंगे. इसके लिए आवेदक आधार कार्ड (Aadhar Card), राशन कार्ड की कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट जैसे कागजातों की मदद ले सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 11:22 AM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. पंजाब सरकार (Punjab Government) ने राज्य में गरीबों के लिए बड़ा फैसला किया है. सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 25 हजार घर तैयार करेगी. आधिकारिक बयान के अनुसार, बुधवार को राज्य कैबिनेट ने इसके संबंध में नई ईडब्ल्युएस पॉलिसी (EWS Policy) को मंजूरी भी दे दी है. इसके अलावा रहवासियों को बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी. स्टेटमेंट के अनुसार, यह फैसला राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई उपस्थिति में लिया गया है.

सरकार की तरफ से जारी किए गए स्टेटमेंट के अनुसार, डेवलपर्स और अथॉरिटीज को प्रोजेक्टर एरिया का पांच फीसदी इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) के लिए विकसित करना होगा. इन भवनों के साथ स्कूल, कम्युनिटी सेंटर्स और डिस्पेंसरीज जैसी सुविधाएं भी निर्मित की जाएंगी. यह बैठक सीएम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी. खास बात है कि नए घर ब्रिक लैस तकनीक से बनाए जाएंगे. साथ ही इनके लिए योग्य प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसियों की सेवाएं ली जाएंगी. बयान के मुताबिक, ये घर लाभार्थियों को दिए जाएंगे, जिन्हें बैंक से सस्ती दरों पर ब्याज मिलेगा.

यह भी पढ़ें: टिकैत ने दी थी महज धमकी, पंजाब-हरियाणा में किसानों ने असल में जला दी अपनी फसल



ये शर्तें पूरी करनी होंगी
पॉलिसी के तहत सभी योग्य आवेदकों को पंजाब में जन्म का प्रमाण पत्र या राज्य में 10 साल रहने के सबूत पेश करने होंगे. इसके लिए आवेदक आधार कार्ड, राशन कार्ड की कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट जैसे कागजातों की मदद ले सकते हैं. वहीं, इस सुविधा का लाभ लेने वाले परिवार की आय 3 लाख रुपए सालाना से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. स्टेटमेंट के अनुसार, भारत सरकार या पंजाब समय-समय पर इसमें बदलाव करती रहेगी.

इसके अलावा आवेदकों का शादीशुदा होना जरूरी है. क्योंकि पति और पत्नी के नाम से संयुक्त आवेदन जाना जरूरी है. अगर किसी आवेदक, उसकी पति/पत्नी, बच्चे के नाम पर पंजाब या चंडीगढ़ में कोई रेसिडेंशियल प्लॉट है, तो वो इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकता. आवेदक को इसके संबंध में प्रमाण देना होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज