पंजाब हाई अलर्ट: 16 साल पहले राम रहीम का सच लिख रहे पत्रकार ही हुई थी हत्या

राम रहीम (फाइल फोटो)

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड करीब 16 साल पुराना है और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इसमें आरोपी है.

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    पत्रकार छत्रपति हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत शुक्रवार को फैसला सुना सकती है. इसी के चलते हरियाणा और पंजाब में सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं. इस मामले में आरोपी गुरमीत राम रहीम विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी भरेगा जबकि अन्य आरोपी प्रत्यक्ष तौर पर कोर्ट में मौजूद हैं.

    क्या है पत्रकार छत्रपति हत्याकांड?
    पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड करीब 16 साल पुराना है और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इसमें आरोपी है. साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. छत्रपति अपने अखबार में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे. पत्रकार छत्रपति के परिजनों ने मामला दर्ज करवाया था और बाद में इसे सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया था. सीबीआई ने 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी और इसमें डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने के मामले में मुख्य आरोपी माना था. पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट मामले में सुनवाई पूरी कर चुकी है और शुक्रवार को इस पर फैसला सुनाया जा सकता है.

    जेल में है राम रहीम
    बता दें कि गुरमीत राम रहीम इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. हरियाणा सरकार को कोर्ट से गुरमीत राम रहीम को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने की मंजूरी मिल गई है फिर भी राज्य सरकार ने सुनारिया, डेरा के मुख्यालय सिरसा और पंचकूला में कड़े सुरक्षा प्रबंध कर दिए हैं. कोर्ट ने पहले गुरमीत राम रहीम को 11 जनवरी को प्रत्यक्ष तौर पर मौजूद होने के निर्देश दिए थे लेकिन हरियाणा सरकार ने अतीत के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, उसे विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने की अपील कोर्ट से की थी जो कि मंजूर हो गई.

    राम रहीम को सजा हुई तो दंगे भड़क गए
    सरकार को आशंका थी कि अगर गुरमीत राम रहीम को प्रत्यक्ष तौर पर पेश किया जाता तो इससे कानून व्यवस्था पर आंच आने का खतरा था. उल्लेखनीय है कि गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद पंचकूला समेत कई जगह दंगे, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी.

    पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है जबकि सिरसा समेत रोहतक और डेरा के प्रभाव वाले इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस निगाह रखे हुए है. पंजाब सरकार ने भी मालवा इलाके में डेरा के प्रभाव को देखते हुए सुरक्षा का अतिरिक्त बंदोबस्त क्या है. पंजाब सरकार ने प्रदेश के आठ जिलों में सुरक्षा बलों की कंपनियां तैनात कर दी हैं. बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बरनाला और फाजिल्का जिलों समेत कोटकपूरा, जैतों, वाघा पुराना में भी काफी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.