पंजाब: खालिस्तान टाइगर फोर्स के दो गुर्गे गिरफ्तार, डेरा प्रेमियों की हत्या का था प्‍लान

खालिस्‍तान टाइगर फोर्स के दो गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं. (Pic- News18)

खालिस्‍तान टाइगर फोर्स के दो गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं. (Pic- News18)

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) को 2018 में उनके भारत दौरे के समय संदिग्‍धों की सूची सौंपी थी.

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चंडीगढ़. पंजाब पुलिस (Punjab Police) के हाथ बड़ी सफलता लगी है. पुलिस ने खालिस्तान टाइगर फोर्स (Khalistan Tiger Force KTF) के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों गुर्गे डेरा प्रेमी की हत्या और एक पुजारी पर गोलियां चलाने सहित कई अपराधों में शामिल थे. ये दोनों केटीएफ के कनाडा आधारित प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे थे. जिसका नाम संयोगवश खालिस्तानी संचालकों (Khalistani operators) की सूची में डाला गया था. यह वह सूची थी जिसे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) को 2018 में उनके भारत दौरे के समय सौंपी थी.

कनाडा में छिपे हैं मास्टरमाइंड

पुलिस ने लवप्रीत सिंह उर्फ रवि और राम सिंह उर्फ सोनू को क्रॉसिंग मेहना जिला मोगा नजदीक सीनियर सेकंडरी स्कूल के पीछे से गिरफ्तार किया है. ये दोनों श्री गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी मामलों संबंधी बदला लेने के लिए डेरा प्रमियों को निशाना बना रहे थे. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से तीन 0.32 बोर पिस्तौलों के साथ 38 जिंदा कारतूस और एक 0.315 बोर पिस्तौल के साथ 10 जिंदा कारतूसों के अलावा दो मैगजीन भी बरामद हुई हैं. डीजीपी दिनकर गुप्ता (DGP Dinkar Gupta) ने बताया कि निझ्झर के अलावा केटीएफ के तीन अन्य सह-साजिशकर्ता मास्टरमाइंड हैं, जिनकी पहचान अर्शदीप, रमनदीप और चरनजीत उर्फ रिंकू बिहला के तौर पर की गई है.

यह सभी (बीसी) कनाडा में छिपे हुए हैं जबकि कमलजीत शर्मा उर्फ कमल अभी फरार है. उन्होंने कहा कि अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श पुत्र चरनजीत सिंह निवासी गांव डल्ला (मोगा) और रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज पुत्र सुखजिन्दर सिंह निवासी फिरोजपुर क्रमवार 2019 और 2017 में कानूनी तौर पर कनाडा गए थे जबकि चरनजीत सिंह उर्फ रिंकू बिहला पुत्र गुरजीत सिंह निवासी गांव बिहला, जिला बरनाला लगभग 2013-14 में गैर कानून तरीके से कनाडा गया था.
गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान पता चला कि लवप्रीत उर्फ रवि और कमलजीत शर्मा उर्फ कमल, अर्शदीप को जानते थे क्योंकि ये सभी बचपन से ही एक ही गांव के थे. राम सिंह उर्फ सोनू निवासी घल खुर्द, जो आईटीआई मोगा का विद्यार्थी था, कमल को कॉलेज के दिनों से ही जानता था.


अर्शदीप ने इन सभी को पैसे दिए थे जो उसने वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिये भेजे थे. पिछले साल 20 नवंबर को सोनू और कमल ने जिला बठिंडा के भगत भाई का में डेरा प्रेमी मनोहर लाल की हत्या की थी. डीजीपी ने बताया कि सोनू ने दोनों हाथों में मौजूद पिस्तौलों के साथ 3-4 गोलियां चलाईं थीं और कमल ने भी फायर किए थे.

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