पाबंदियों के बावजूद पंजाब में तेजी से फैला कोरोना, 24 घंटे में मरीजों का आंकड़ा 7000 के पार

नई दिल्ली के एक शवदाह गृह में कोरोना से मरे एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार की तैयारी करते उनके परिजन. (Reuters/19 Nov 2020)

नई दिल्ली के एक शवदाह गृह में कोरोना से मरे एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार की तैयारी करते उनके परिजन. (Reuters/19 Nov 2020)

Punjab Coronavirus News: पंजाब में बीते 24 घंटों में सूबे में कोरोना के 7014 नए मरीज पाए गए हैं, जबकि 76 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा खराब हालात तीन जिलों लुधियाना, मोहाली और जालंधर के हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2021, 11:54 AM IST
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चंडीगढ़. लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू (lockdown and night curfew) जैसी पाबंदियां (Restrictions) लगाने के बावजूद पंजाब में कोरोना (Corona) के मरीजों में भारी इजाफा होता जा रहा है. बीते 24 घंटों में सूबे में कोरोना के  7014 नए मरीज पाए गए हैं, जबकि 76 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा खराब हालात तीन जिलों लुधियाना, मोहाली और जालंधर (Ludhiana, Mohali and Jalandhar) के हैं. लुधियाना में 1389, मोहाली में 893 और जालंधर में 648 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. राज्य में रोजाना कोरोना के 7 हजार मामले आ रहे हैं और पिछले एक हफ्ते में पॉजिटिविटी दर (Positivity rate) 10 प्रतिशत से अधिक है. उधर पंजाब में मेडिकल ऑक्सीजन (Medical oxygen) का संकट अभी भी बरकरार है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) केंद्र सरकार को दो बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन ऑक्सीजन का कोटा सरकार ने भी नहीं बढ़ाया है.

कैप्टन ने केंद्र को दोबारा लिखा पत्र

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दूसरी बार पत्र लिखकर कोविड मामलों में निरंतर वृद्धि के कारण पंजाब का तरल ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर रोज़ाना का 250 एम.टी. तक करने की अपील की है और इस संबंध में उनसे तुरंत निजी दखल देने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से स्थिति बहुत गंभीर हो गई है क्योंकि हमारी एल.एम.ओ. की सप्लाई बढ़ी हुई मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है.


गौरतलब है कि केंद्रीय पूल से पंजाब के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की रोजाना की अलॉटमेंट 105 मीट्रिक टन है, जिसमें स्थानीय ए.एस.यूज़ का उत्पादन शामिल नहीं है, जो पंजाब में लगभग 60 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन पैदा करते हैं व अलग-अलग रिफिलर, बॉटलिंग प्लांट और डिस्ट्रीब्यूटरों की जरूरतों को पूरा करते हैं. सरकारी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल फरीदकोट, जिला अस्पताल जालंधर और लुधियाना के निजी अस्पतालों में कुछ पी.एस.ए. प्लांट हैं जो इनकी जरूरतें पूरी करते हैं.
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