पंजाब में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें फिर ठंडे बस्ते में, 31 अगस्त तक बढ़ाई मियाद

पंजाब में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें फिर ठंडे बस्ते में.

पंजाब में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें फिर ठंडे बस्ते में.

आयोग ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) के वेतन में दोगुने से अधिक वृद्धि (Double increase in the salary) की सिफारिश की है. इसके साथ ही कम से कम वेतन 6950 रुपए से बढ़ाकर 18000 रुपए प्रति महीना करने की सिफारिश भी की है.

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चंडीगढ़. पंजाब सरकार के छठे वेतन आयोग (Sixth Pay Commission of Punjab Government) की सिफारिशों को लागू करने का मामला एक बार फिर से ठंडे बस्ते में पड़ता हुआ नजर आ रहा है. सरकार ने इसे 1 जुलाई से लागू करने का फैसला लिया था लेकिन सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर यह अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है. आयोग ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) के वेतन में दोगुने से अधिक वृद्धि (Double increase in the salary) की सिफारिश की है. इसके साथ ही कम से कम वेतन 6950 रुपए से बढ़ाकर 18000 रुपए प्रति महीना करने की सिफारिश भी की है.

इससे पहले सरकार ने 1 अप्रैल को जारी नोटिफिकेशन को जारी रखते हुए छठे वेतन आयोग का कार्यकाल 31 मई तक बढ़ा दिया था. हालांकि उस समय मुख्यमंत्री की ओर से ऐलान किया गया था कि मई माह के आखिरी हफ्ते में कैबिनेट की बैठक में आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला ले लिया जाएगा लेकिन बीते सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है.


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आयोग ने वेतन और अन्य बड़े लाभों में भारी वृद्धि की सिफारिश की है और सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में अच्छी वृद्धि का भी सुझाव दिया है. कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में औसतन विस्तार 20 प्रतिशत के करीब होने की संभावना है. पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों की अपेक्षा वेतनों में 2.59 गुणा विस्तार है. छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार कुछ भत्तों में रेशनेलाइजेशन के साथ बड़े भत्तों को डेढ़ से दोगुने वृद्धि का प्रस्ताव है.

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रिपोर्ट वित्त विभाग को अध्ययन के लिए भेजी



पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हाल ही में जो रिपोर्ट सौंपी गई थी, उसे अध्ययन के लिए वित्त विभाग को 6 मई को भेज दिया गया है और साथ ही यह भी निर्देश दिए थे कि इस पर अगली कारवाई के लिए इसी महीने कैबिनेट में पेश किया जाए. जबकि इसके बाद कई कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं. अब इसकी मियाद एक बार फिर से बढ़ गई है.

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