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पंजाब में इस बार अब तक 52% धान के खेतों में जलाई गई पराली: रिपोर्ट

पंजाब में इस बार अब तक 52% धान के खेतों में जलाई गई पराली: रिपोर्ट

बठिडा जिले में पिछले साल के मुकाबले 2021 में 43 फीसद कम पराली जलाई गई. (फ़ाइल फोटो)

बठिडा जिले में पिछले साल के मुकाबले 2021 में 43 फीसद कम पराली जलाई गई. (फ़ाइल फोटो)

Punjab Stubble Burning: इस साल 71,304 आग की घटनाएं हुईं, जो 2020 के बाद पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे अधिक थीं. इस वर्ष पीआरएससी के आंकड़ों से पता चला है कि फिरोजपुर में सबसे अधिक क्षेत्र जलाया गया था. बठिडा जिले में पिछले साल के मुकाबले 2021 में 43 फीसद कम पराली जलाई गई. विशेषज्ञों ने कहा कि आग की घटनाओं की संख्या ज़्यादा हो सकती है, लेकिन प्रति एकड़ आग की घटनाएं वास्तव में यह कम हो गई है.

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    चंडीगढ़. पंजाब में इस बार पराली जलाने (Punjab Stubble Burning) की घटनाओं में कमी आई है. एक आंकड़े के मुताबिक इस बार अब तक 38.21 लाख एकड़ खेतों में पराली जलाई गई है. हिसाब लगाया जाय तो ये कुल धान की खेतों (Paddy Harvesting Season) का सिर्फ 52 फीसदी हिस्सा है. क्षेत्रफल के लिहाज़ से देखा जाय तो पराली जलाने की ये सबसे कम घटना है. जबकि इस साल खेत में आग की घटनाएं दूसरी सबसे अधिक थीं. इस बीच, जला हुआ क्षेत्र पिछले साल की तुलना में 2.49 लाख हेक्टेयर कम है.

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ये सारे आंकड़े इस साल 30 नवंबर तक के हैं. इस साल 71,304 आग की घटनाएं हुईं, जो 2020 के बाद पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे अधिक थीं. विशेषज्ञों ने कहा कि आग की घटनाओं की संख्या ज़्यादा हो सकती है, लेकिन प्रति एकड़ आग की घटनाएं वास्तव में यह कम हो गई है.

    29.69 हेक्टेयर खेतों में धान की खेती
    पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से आग की घटनाओं की निगरानी कर रहे पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (पीआरएससी) के मुताबिक इस साल लगभग 29.69 हेक्टेयर खेतों में धान की खेती की गई थी.

    पिछले 5 साल के आंकड़े
    PPCB के पिछसे पांच सालों के रिकॉर्ड को देखा जाए तो साल 2017 में 19.78 लाख हेक्टेयर (LH), 2018 में 17.81 LH, 2019 में 18.95 LH और 2020 में 17.96 LH क्षेत्र जला दिया गया था. इन वर्षों में पराली जलाने के मामले 50,841 (2017), 51,751 थे. (2018), 53,149 (2019) और 76,929 (2020), 30 नवंबर तक.

    अलग-अलग ज़िलों के आंकड़े
    इस वर्ष पीआरएससी के आंकड़ों से पता चला है कि फिरोजपुर में सबसे अधिक क्षेत्र जलाया गया था, जहां कुल धान क्षेत्र का 68 प्रतिशत जल गया था और 6,288 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जो राज्य के सभी 23 जिलों में तीसरी सबसे अधिक हैं. उधर बठिडा जिले में पिछले साल के मुकाबले 2021 में 43 फीसद कम पराली जलाई गई. पिछले साल 2020 में सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में 7827 जगहों पर पराली जलाने की सूचनाएं दी गई थी, जो इस बार कम होकर 4481 रह गई हैं.

    Tags: Paddy Harvesting, Punjab

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