आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों का घोटाला, प्राइवेट अस्पताल डकार गए करोड़ों

 निजी अस्पताल में करवाए गए उपचार के लाखों के फर्जी क्लेम पास कर दिए हैं.

निजी अस्पताल में करवाए गए उपचार के लाखों के फर्जी क्लेम पास कर दिए हैं.

Punjab Latest news in Hindi: प्रारंभिक जांच का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि एसएसपी सतर्कता रेंज जालंधर दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया है जिसमें निजी अस्पतालों के कई फर्जी मेडिकल बिल बीमा कंपनी द्वारा क्लीयर कर दिए गए थे.

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  • Last Updated: March 10, 2021, 8:13 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब सतर्कता ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- आयुष्मान भारत (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana - 'Aushmaan Bharat') के तहत करोड़ों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश किया है. सतर्कता ब्यूरो के मुताबिक बीमा कंपनी इफको टोकियो (Insurance Company IFFCO TOKIO) ने स्मार्ट हैल्थ कार्ड (Smart Health Cards) रखने वालों के निजी अस्पताल में करवाए गए उपचार के लाखों के फर्जी क्लेम पास कर दिए हैं जबकि सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने वाले रोगियों के सैकड़ों बीमा के क्लेम खारिज कर दिए हैं.

डीजीपी-सह-मुख्य निदेशक सतर्कता ब्यूरो बीके उप्पल ने खुलासा करते हुए कहा कि विश्वसनीय स्रोतों से मिले इनपुट के आधार पर यह पता चला है कि जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों में स्थित कई जाने-माने निजी अस्पतालों ने भारी फर्जी बिल तैयार किए हैं. आयुष्मान भारत योजना के तहत अपने इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड धारकों के नाम पर और इफको टोकियो से बीमा क्लेम लिया. राज्य में करोड़ों रुपये के इस घोटाले की जांच के लिए ब्यूरो द्वारा एक नियमित सतर्कता जांच की शिकायत दर्ज की गई है.

प्रारंभिक जांच में हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
प्रारंभिक जांच का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि एसएसपी सतर्कता रेंज जालंधर दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया है जिसमें निजी अस्पतालों के कई फर्जी मेडिकल बिल बीमा कंपनी द्वारा क्लीयर कर दिए गए थे, लेकिन इसके विपरीत सरकारी अस्पतालों द्वारा प्रतिपूर्ति बिलों को अस्वीकार कर दिया गया था. इस संबंध में, संबंधित उप चिकित्सा आयुक्तों और राज्य अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की तरफर बड़ी लापरवाही देखी गई है. कंपनी द्वारा सरकारी अस्पतालों के बीमा दावों को अस्वीकार करने का बड़ा कारण असाधारण 52 लाख 06 हजार500 रुपयए वित्तीय लाभ प्राप्त करना था. उप्पल ने कहा कि इन तीनों जिलों से पिछले एक साल के दौरान सरकारी खजाने का नुकसान हुआ है.
कहां पर कितना हुआ घोटाला


जांच के दौरान यह पता चला है कि कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी शहर के एक प्रसिद्ध अस्पताल ने लगभग 1,282 रोगियों के इलाज के लिए 4 करोड़ 43 लाख 98 हजार450 रुपए का दावा किया था, जिनमें से 519 दावों को खारिज कर दिया गया है. इन मेडिकल बिलों के आधार पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इस अस्पताल के 4 करोड 23 लाख 48 हजार 50 रुपए के क्लेम पास कर दिए. इसके बाद बीमा कंपनी ने अस्पताल के 1 करोड़ 86 लाख 59 हजार150 रुपए के बिल रिबंर्स कर दिए.

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अस्पताल के प्रशासन द्वारा मोडस ऑपरेंडी का खुलासा करते हुए सतर्कता प्रमुख ने आगे बताया कि जालंधर जिले में परमजीत कौर को पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी निजी वजह से कारण वह ऑपरेशन नहीं करवाना चाहती थीं. इस संबंध में अस्पताल ने 22000 रुपए का फर्जी मेडिकल बिल तैयार किया. आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत IFFCO TOKIO बीमा कंपनी से क्लेम लिया. उन्होंने कहा इस तरह के कई तरह के मामले सामने आए हैं जिनके जरिए करोड़ों का हेरफेर हुआ है और जांच चल रही है.
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