पंजाब: राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास में 21 अगस्त तक सभी कार्यक्रम रद्द, कोरोना बनी वजह

पंजाब में स्शित राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास.

पंजाब में स्शित राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास.

Punjab Coronavirus News: डेरे में बाहरी लोगों और संगतों की एंट्री भी बैन कर दी गई है. देश में चर्चित राधास्वामी सत्संग ब्यास कोरोना काल में भी मरीजों को अपनी सेवाए दे रहा है.

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चंडीगढ़. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास (Radha Swami Satsang Dera Beas) ने सभी सत्संग और कार्यक्रम 21 अगस्त तक के लिए रद्द कर दिए हैं. बीते साल मार्च माह से ही इस धार्मिक संस्थान में कोई भी कार्यक्रम या सत्संग आयोजित नहीं किया गया है. डेरे में बाहरी लोगों और संगतों की एंट्री भी बैन कर दी गई है. देश में चर्चित राधास्वामी सत्संग ब्यास कोरोना काल में भी मरीजों को अपनी सेवाएं दे रहा है.

संस्थान ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दूसरा सबसे बड़ा कोविड सेंटर बनाया है. इसे मां अहिल्या कोविड केयर सेंटर नाम दिया गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने राज्य में कोविड (Covid) के विरुद्ध लड़ाई में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के सहयोग की मांग की है. इस संबंध में सत्संग की अलग-अलग शाखाओं में अधिकारित प्रतिनिधियों के साथ नजदीकी तालमेल बनाने के आदेश दिए हैं.

धार्मिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संस्थाओं की सहायता की जरूरत

सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों (Satsang Beas chief Gurinder Singh Dhillon) को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने उनको कोविड मरीजों के इलाज के लिए सभी शाखाएं उपलब्ध करवाने और इस उद्देश्य के लिए अटेडेंट तैनात करने की अपील की है. उन्होंने सत्संग के प्रमुख को राज्य भर में कोविड प्रभावित लोगों के लिए दवाएं और अन्य राहत सामग्री के रूप में सहायता देने की भी विनती की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘मिशन फतेह’ के अंतर्गत कोविड मरीजों के बेहतर इलाज को सुनिश्चित बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है, परन्तु लगातार बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर धार्मिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संस्थाओं और अन्य ऐसी जत्थेबंदियों के व्यापक सहयोग की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने बीते साल राज्य की कोविड के विरुद्ध जंग में राधा स्वामी सत्संग ब्यास की शानदार सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे हालात को स्थिर बनाने में मदद मिली थी. उन्होंने कहा कि इस साल महामारी और भी घातक और जान के लिए खतरा बनी हुई है जिस कारण इससे निपटने के लिए सत्संग की सहायता की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि आगामी लहर और भी खतरनाक होगी जिस कारण सभी के साझे यत्नों की जरूरत है जिससे ‘मिशन फतेह’ की सफलता को सुनिश्चित बनाया जा सके.

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