पंजाब में भी टिड्डियों के हमले का खतरा, पूरे राज्य में सावधानी के निर्देश, 3 जिलों में हाई अलर्ट
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पंजाब में भी टिड्डियों के हमले का खतरा, पूरे राज्य में सावधानी के निर्देश, 3 जिलों में हाई अलर्ट
रिश्‍तों में खटास, युद्ध, आतंकी हमलों और राजनीतिक उठापटक के बाद भी भारत-पाकिस्‍तान के बीच टिड्डियों के बारे में चेतावनी देने वाली प्रणाली को लेकर बरसों से सहयोग जारी है.

टिड्डों का मौजूदा हमला (locust swarm attack) पिछले महीने शुरू हुआ जब पाकिस्तानी की तरफ से टिड्डी दल राजस्थान आया और अन्य पश्चिमी राज्यों में फैल गया.

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चंडीगढ़. राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों (locust swarm attack) का दल बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया और यह अब महाराष्ट्र के रामटेक शहर की ओर भी बढ़ सकता है. यह पिछले 26 साल में टिड्डी दल का सबसे बुरा हमला है. इसके बाद पंजाब में भी हाईअलर्ट जारी कर दिया है. सामान्य तौर पर टिड्डी दल के प्रकोप से अछूता रहने वाले पंजाब में भी इस बार इनके हमले की आशंका है.

पंजाब में भी टिड्डी दल के प्रकोप का खतरा है. कृषि निदेशक स्वतंत्र कुमार ऐरी ने कहा, ‘पूरे पंजाब में अलर्ट जारी किया गया है.’ उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं और किसानों से किसी भी तरह की टिड्डी दल संबंधी गतिविधि की जानकारी देने को कहा गया है. जनवरी में पंजाब के फजिल्का और मुक्तसर जिलों में कुछ गांवों में टिड्डी दल देखे गये थे लेकिन तब उन पर प्रभावी तरीके से काबू पा लिया गया.

वहीं, खेतीबाड़ी (कृषि) विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने कहा कि हालात से निपटने की  तैयारी पूरी कर ली गई है. दवाओं की खरीद के लिए एक करोड़ से ज्यादा की राशि रखी हुई है और टीमें गांवों में निगरानी कर रही हैं.



पंजाब के इन तीन जिलों पर फोकस



राज्य के तीन जिलों फरीदकोट, फाजिल्का व बठिंडा में टिड्डियों के हमले की आशंको को ध्यान में रखते हुए हाईअलर्ट घोषित किया गया है. फजिल्का में इसी साल अब तक 4 बार टिड्डियों ने हमला बोला है. 3 फरवरी को टिड्डियों ने सबसे बड़ा हमला रूपनगर, बारेका और अन्य गांवों में हुआ था. 14 और 23 अप्रैल को भी रूपनगर और 6 मई को गांव बारेका में टिड्डियों ने हमला किया था.

बताया गया कि इस बाबत 38 टीमों का गठन कर दिया गया है. कृषि विभाग के मातहत काम करने वाले सभी लोगों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. वहीं भारत और पाक सीमा से सटे जिले अमृतसर और तरनतारन में अभी तक टिड्डी दल ने हमला नहीं किया है लेकिन अलर्ट है.

वहीं हरियाणा के फरीदाबाद स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह कोई नयी समस्या नहीं है और लंबे समय से हम इसका सामना कर रहे हैं. इस साल टिड्डी दल का प्रकोप 26 साल में सबसे भयावह है.’ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार राजस्थान के 21 जिले, मध्य प्रदेश के 18 जिले, गुजरात के दो जिले और पंजाब के एक जिले में अब तक टिड्डी दल पर काबू पाने के लिए कदम उठाये गये हैं.

राजस्थान के कृषि विभाग ने जयपुर जिले में टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिये कीटनाशक के छिड़काव के लिये एक ड्रोन की मदद ली है. जयपुर जिले के चौमू के पास सामोद में ड्रोन का उपयोग किया गया. कृषि विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश ने को बताया, ‘हमने किराये पर लिये गये ड्रोन का उपयोग करना शुरू किया है और आने वाले कुछ दिनों की आवश्यकतानुसार और ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की संभावना है.’

टिड्डों के प्रकोप को रोकने के समन्वित प्रयास
एलडब्ल्यूओ के अधिकारी ने कहा कि टिड्डों के प्रकोप को रोकने के समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं. इससे पहले टिड्डी दल का प्रकोप राजस्थान और गुजरात तक था. लेकिन टिड्डों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलने की वजह से वे जोरदार हवाओं की मदद से दूसरे इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्र के अनुसार टिड्डी दलों ने करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन पर हमला किया है.

लेकिन गेहूं, दलहन और तिलहन जैसी रबी की फसलों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है क्योंकि इनमें से अधिकतर की अब तक कटाई हो चुकी है. उन्होंने कहा, ‘अब पूरा ध्यान जून-जुलाई में मानसून आने से पहले प्रकोप रोकने पर है जब टिड्डियों में प्रजनन हो सकता है. अगर इसे नहीं रोका जा सका तो खरीफ की फसलों को खतरा हो सकता है.’

एक टिड्डी दल बुधवार को उत्तर प्रदेश स्थित झांसी जिले में पहुंचा. झांसी मंडल के कृषि उप निदेशक कमल कटियार ने  को बताया कि जालौन की सीमा के नजदीक झांसी की गरौठा तहसील के स्किल गांव के पास शाम करीब साढ़े चार बजे टिड्डियों का एक दल पहुंचा और उसे भगाने की कोशिश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में विशेष सतर्कता के निर्देश
इस बीच लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिड्डी दल पर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों जैसे झांसी, ललितपुर, आगरा, मथुरा, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, जालौन, इटावा एवं कानपुर देहात आदि जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

टिड्डियों का दल चार दिन पहले महाराष्ट्र के नागपुर जिले में कटोल और परसियोनी में घुसा था. इस दल के रामटेक शहर की ओर बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है. कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

टिड्डियों का 17 किलोमीटर के इलाके में फैला दल पहले नागपुर जिले के कटोल के फेत्री, खानगांव के खेतों में घुसा. फिर शनिवार-रविवार रात वर्धा जिले के आश्ती ताल्लुका पहुंचा जहां कुछ इलाकों में संतरे और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचाया और फिर सोमवार रात को परसियोनी तहसील की ओर बढ़ गया.

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