पंजाब: नहर में बहते मिले रेमडेसिविर इंजेक्शन, जांच में पाए गए नकली, पुलिस ने दर्ज किया केस

भाखड़ा नहर में बहते मिले हजारों रेमडेसिवीर इजेक्‍शन.

भाखड़ा नहर में बहते मिले हजारों रेमडेसिवीर इजेक्‍शन.

पंजाब के भाखड़ा नहर में बहते मिले रेमडेसिविर इंजेक्शन वैक्सीन जांच में नकली पाए गए हैं. बता दें कि कल इस नहर में रेमडेसिविर के कई डिब्बे मिले थे. जब मामले की जांच की गई तो ये सभी इंजेक्शन नकली मिले. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है.

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चंडीगढ़. पंजाब के चमकौर साहिब के नजदीक भाखड़ा नहर (Bhakra Canal) में बहते मिले रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) पर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में ये इंजेक्शन नकली पाए गए है. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है.

इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ने रोपड़ के ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर तेजिंदर सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू की. जांच टीम ने चमकौर साहिब के बलसांदा गांव में नहर पर जाकर मुआयना किया. यहीं के रहने वाले भाग सिंह मावी ने नहर में इंजेक्शन को बहते हुए देखा था और एसएमओ चमकौर साहिब को इसके बारे में जानकारी दी. जांच टीम ने घटनास्थल से सभी इंजेक्शन बरामद किया. इंजेक्शन पर लगे लेवल के अनुसार, ये रेमडेसिविर का टीका था.

रोपड़ की पुलिस उपायुक्त सोनाली गिरी ने बताया कि जांच टीम ने पूरी पड़ताल के बाद इन इंजेक्शन को नकली पाया. जांच टीम ने बाद में इंजेक्शन को पैक कर पुलिस को सौंप दिया. इस मामले में 6 मई की तारीख में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है. आईपीसी की धारा 188, 278, 468, 103 (ट्रेड मार्किंग एक्ट) 1999 के तहत मामला दर्ज किया गया. दरअसल, सैकड़ों रेमडेसिविर और चेस्ट इंफेक्शन (Chest Infection) के इंजेक्शन बरामद किए जाने के बाद हंगामा मच गया था. नहर में मिले रेमडेसिविर इंजेक्‍शन पर एमआरपी 5400 रुपए व मैन्युफैक्चरिंग डेट मार्च 2021 और एक्सपायरी डेट नवंबर 2021 लिखी है. सेफोपेराजोन इंजेक्शन पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अप्रैल 2021 व एक्सपायरी डेट मार्च 2023 अंकित है. चौंकाने वाली बात यह थी कि इन टीकों पर फॉर गवर्नमेंट सप्लाई नॉट फॉर सेल भी लिखा हुआ था.

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हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य ऑक्सीजन, टैंकरों, वैक्सीन और दवाओं की कमी के अलावा वेंटिलेटर फ्रंट पर भी जूझ रहा है क्योंकि भारत सरकार द्वारा प्राप्त 809 वैंटीलेटरों में से 108 को स्थापित करने के लिए कोई भी बी.ई.एल. इंजीनियर नहीं है. वह बीते माह से कई बार केंद्र को इस बारे में पत्र भी लिख चुके हैं.

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