किसान मुद्दे पर क्षेत्रीय दलों का राष्‍ट्रीय मोर्चा बनाएगा शिरोमणि अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल ने किया ऐलान.
शिरोमणि अकाली दल ने किया ऐलान.

शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali dal) का कहना है कि राष्‍ट्रीय मोर्चे की मदद से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 7:42 AM IST
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नई दिल्‍ली. सरकार की ओर से लाए गए कृषि संबंधी नए कानून (Agriculture law) का विरोध देश भर में किसानों और विपक्षी दलों की ओर से हो रहा है. इस बीच एनडीए से अलग होने वाले शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali dal) ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया है. पार्टी के वरिष्‍ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजराने कहा कि शिरोमणि अकाली दल सरकार द्वारा लाए गए 3 कृषि विधेयकों का विरोध देश में जारी रखने के लिए और किसानों के मुद्दे उठाने के लिए क्षेत्रीय दलों का राष्‍ट्रीय मोर्चा बनाएगी. उनका कहना है कि इसके जरिये एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.

पूर्व लोकसभा सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने यह भी कहा कि किसानों के मुद्दे पर पार्टी के रुख के लिए कई क्षेत्रीय दलों के नेता शिरोमणि अकाली दल को शुभकामनाएं दे चुके हैं. इनमें फारूक अब्‍दुल्‍ला, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, और शरद पवार जैसे नेता शामिल हैं. उनका कहना है कि एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से बेहतर है कि हम किसानों के लिए एक मोर्चा तैयार करें.

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार नए कृषि कानूनों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी. सिंह ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, आईएसआई किसानों के असंतोष का फायदा उठाते हुए समूचे राष्ट्र में गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश कर सकती है. उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि पंजाब के किसान और युवा हथियार उठाएं, लेकिन ये कानून सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालेंगे क्योंकि आईएसआई ऐसे अवसरों की तलाश में रहती है.



अमरिंदर ने 1980 के दशक और 90 के दशक की शुरुआत के बीच चले खालिस्तानी आतंकवाद के संदर्भ में कहा कि पंजाब में विगत में हिंसा में 35,000 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और दूसरे राज्यों तथा समूचे राष्ट्र तक बढ़ते किसानों के असंतोष के चलते आईएसआई की ओर से खतरा है. उन्होंने शहीद भगत सिंह नगर जिला स्थित खटकड़ कलां गांव में शहीद ए आजम को उनकी 113वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर उनके साथ कांग्रेस महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी मौजूद थे.

खटकड़ कलां शहीद भगत सिंह का पैतृक गांव है जहां अमरिंदर सिंह, रावत तथा अन्य ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरना भी दिया. मुख्यमंत्री ने गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए नए कानूनों को लेकर केंद्र की निन्दा की और कहा कि ये किसान समुदाय को नष्ट कर देंगे.
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