कांग्रेस में चुनाव की मांग वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा: सुनील जाखड़
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कांग्रेस में चुनाव की मांग वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा: सुनील जाखड़
सुनील जाखड़ ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर साधा निशाना. (फाइल फोटो)

पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने शनिवार को कहा कि पार्टी में बदलाव की मांग करने वाली चिट्ठी राजनीति इसपर हस्ताक्षर करने वाले कुछ नेताओं की असुरक्षा और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सामने लाई है.

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  • Last Updated: August 30, 2020, 8:09 AM IST
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नई दिल्‍ली. कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से पार्टी में बड़े बदलाव करने की मांग को लेकर 23 कांग्रेस नेताओं की ओर से लिखे गए पत्र पर अभी भी बयानबाजी जारी है. अब पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने पत्र लिखने वाले अपनी ही पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है. उन्‍होंने कहा कि पार्टी में चुनाव कराने की मांग वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा.

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि पार्टी में बदलाव की मांग करने वाली चिट्ठी राजनीति इसपर हस्ताक्षर करने वाले कुछ नेताओं की असुरक्षा और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सामने लाई है. बता दें कि गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल और शशि थरूर सहित कांग्रेस के 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को हाल ही में एक पत्र लिखकर पार्टी संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव करने की मांग की थी.

कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दे पर सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान चर्चा हुई थी. इस दौरान घमासान भी मचा था. सुनील जाखड़ ने कहा कि सोनिया गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पार्टी संगठन और इसके अध्यक्ष का चुनाव छह महीने में होगा, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ नेताओं द्वारा अवांछित बयानबाजी जारी है.



उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान अब कहीं अधिक हास्यास्पद हो गए हैं, क्योंकि चुनाव कराने की मांग वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा. सुनील जाखड़ ने कहा कि इन नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र में विरोधाभास हैं. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने युवा कांग्रेस का चुनाव कराने को लेकर राहुल गांधी को निशाना बनाया. वहीं दूसरी ओर वे चाहते हैं कि महामारी संकट के बावजूद ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय इकाई स्तर तक चुनाव हो.
जाखड़ ने याद दिलाया कि 2018 में पार्टी की आम सभा में इन्हीं नेताओं ने प्रस्ताव दिया था कि चुनाव कराने की बजाय कांग्रेस अध्यक्ष को कार्य समिति नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक नेता ने कांग्रेस कार्यसमिति चुनाव का इस बहाने समर्थन किया था कि इस तरीके से चुने गए व्यक्ति के पास एक प्रदत्त कार्यकाल होगा और वह अपनी सीट गंवाने के डर के बगैर खुलकर अपनी बात रखेगा.

पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि कुछ नेता अपना आत्मविश्वास खो चुके हैं और भूल गए हैं कि पार्टी में उनका दर्जा कितना ऊंचा है. ऐसा दर्जा संसद के किसी सदन की सदस्यता के चलते नहीं, बल्कि उनके अनुभव और पार्टी के प्रति उनके योगदान को लेकर है. उन्होंने कहा कि पार्टी में उच्च पदों पर बैठे नेताओं को यह महसूस करना चाहिए कि उनकी राज्यसभा की सदस्यता खत्म हो जाने से उनका राजनीतिक ओहदा प्रभावित नहीं होगा.
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