राज्य में आज से शुरू हो सकता है ट्रेनों का संचालन, सरकार ने रेलवे को दिया सुरक्षा का भरोसा

पंजाब में किसान आंदोलन की तस्वीर. (फाइल फोटो)
पंजाब में किसान आंदोलन की तस्वीर. (फाइल फोटो)

आंदोलनकारी किसान संगठन यात्री गाड़ियों को नहीं चलाए जाने की बात पर अड़े हुए हैं. किसान नेताओं का कहना है कि वे मालगाड़ी नहीं रोकेंगे, लेकिन यात्री गाड़ियों को नहीं चलने देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 12:03 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. पंजाब में किसान आंदोलन (Punjab Farmer Agitation) के कारण थमे ट्रेनों के पहिए फिर से शुरू होने जा रहे हैं. गुरुवार को हुई एक प्रेस कांफ्रेस में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ वीके यादव (VK Yadav) ने घोषणा की है कि पटरियां खाली होते ही पंजाब में ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा. रेलवे बोर्ड राज्य में यात्री और मालगाड़ियां दोनों तरह की सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, कृषि कानून (Agriculture Law) के खिलाफ खड़े आंदोलनकारी किसान संगठन, यात्री गाड़ियों को नहीं चलाए जाने की बात पर अड़े हुए हैं.

राज्य सरकार ने दिया है रेलवे को भरोसा
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यादव ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव ने यह भरोसा दिया है कि ट्रैक जल्द ही खाली करवा लिए जाएंगे. इसके अलावा राज्य सरकार ने यह भी बताया है कि गुरुवार तक 15 जगहों से पटरियों को खाली करा लिया गया है. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय को पत्र भेजकर ट्रेनों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. इसके अलावा आरपीएफ के डीजीपी अरुण कुमार पंजाब के डीजीपी से संपर्क में बने हुए हैं और सुरक्षा के इंताजामों को देख रहे हैं.

हमें नहीं मिला राज्य सरकार से कोई आदेश
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के मुखिया बलबीर सिंह राजेवाल (Balbir Singh Rajewal) का कहना है कि ट्रैक खाली करने के संबंध में उन्हें राज्य सरकार से कोई भी जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने यह साफ किया है कि वे घोषणा कर चुके हैं कि मालगाड़ियों को चलने देंगे, लेकिन यात्री गाड़ियों को रोकेंगे. सिंह अब भी अपने फैसले पर कायम हैं.



हालांकि, आंदोलन कर रहे किसान अब पटरियों के बजाए स्टेशन के पार्कों में पहुंच गए हैं और प्लेटफॉर्म भी खाली कर दिए गए हैं. उन्होंने यात्री गाड़ियां रोकने की चेतावनी दी है. इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जगमोहन सिंह पटियाला (Jagmohan Singh Patiyala) ने कहा है कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई किसान संगठनों की बैठक में अगले 15 दिन तक किसी भी मालगाड़ी को नहीं रोकने का फैसला लिया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज