पानी की कहानी: 80 गांवों में पहली बार पहुंचा पीने लायक पानी

भीलवाड़ा जिले के शाहरपुरा पंचायत में पीने का पानी सबसे बड़ी चुनौती है.

भीलवाड़ा जिले के शाहरपुरा पंचायत में पीने का पानी सबसे बड़ी चुनौती है.

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहरपुरा पंचायत में पीने का पानी सबसे बड़ी चुनौती है. ग्रामीण इलाकों में हालात वर्षों से दयनीय रह हैं, लेकिन अब चंबल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना से मीठे पानी के रूप में पहली बार राहत पहुंची है.

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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बरसों से पीने का पानी यहां के वाशिंदों के साथ सरकार के लिए भी बड़ी समस्या रहा है. खासतौर पर शाहरपुरा तहसील के आसपास के गांवों में बरसों पीने को मीठा पानी कोरा सपना ही रहा, लेकिन सालों का इंतजार आखिर इन गर्मियों में खत्म हुआ. करोड़ों की लागत वाली चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना से शाहपुरा के 80 गांवों तक पहुंचा चम्बल का मीठा पानी पहुंच गया है.

जलदाय विभाग की कोशिशों से भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा तहसील के आसपास के गांवों तक चंबल का मीठा नीर पहुंचने लगा है. ‘चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना’ के जरिए शाहपुरा कस्बा एवं तहसील के 80 गांवों की डेढ़ लाख से ज्‍यादा जनसंख्या को लाभान्वित किया जा चुका है. इसमें शेष बचे गांवों में भी जल्द ही शुद्ध चंबल पेयजल उपलब्ध होने लगेगा.

पिछले दिनों विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा परियोजना के कार्य का निरीक्षण कर कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए थे. अधिकारियों के अनुसार परियोजना का शुद्ध जल शाहपुरा शहरी एवं ग्रामीण, कनेछनकलां एवं नई अरवड एवं बच्छखेड़ा पम्पिंग स्टेशन तक पहुंच चुका है. शीघ्र ही इसके आसपास के गांवों तक भी शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा.



उल्लेखनीय है कि जिले के शाहपुरा तहसील के बड़े गांव जैसे आमलीकलां, अरनियाघोड़ा, तापपुरा, दौलतपुरा, बोरड़ा, खामोर, सालरिया खुर्द, कोठिया, फुलियाकलां, तहनाल, रूपपुरा, आदि में पेयजल की भारी कमी थी और गहराई में उपलब्ध पानी गुणवत्ता विहीन होने से पीने योग्य भी नहीं था. ऐसे में चंबल परियोजना से इन क्षेत्रवासियों को मीठा पानी मिलने लगा है.
क्या है चंबल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना?

भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण क्षेत्र के शाहपुरा तहसील के 150 गांव व शाहपुरा कस्बे में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए चम्बल परियोजना फेज-द्वितीय पैकेज पंचम का कार्यादेश जारी किया गया था. इसके तहत शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के 150 गांव एवं कस्बा शाहपुरा को पेयजल से लाभान्वित किया जाना है.

158.87 करोड़ रुपए खर्च, 80% काम पूरा

वर्तमान में 198.98 करोड़ रुपए की स्वीकृति के विरुद्ध परियोजना में 158.87 करोड़ रुपए व्यय कर 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है, बाकी बचा काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. परियोजना के अन्तर्गत 4 स्वच्छ जलाशय, 34 उच्च जलाशय एवं 5 पंम्पिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. साथ ही 2 हजार 508 पीएसपी, 501 सीडब्ल्यूटी एवं 150 वीटीसी का निर्माण कार्य प्रगतिरत है. अभी पैकेज के कमीशनिंग का कार्य चल रहा है, विभाग का दावा है कि शीघ्र ही पूरा कर तहसील के सभी 150 गांवों में चंबल का पानी मुहैया करा दिया जाएगा.

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