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5वीं के छात्र ने गुल्लक तोड़ जुटाए 11 हजार रुपये, कोरोना रिलीफ फंड में किए डोनेट
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Updated: March 31, 2020, 11:31 AM IST
5वीं के छात्र ने गुल्लक तोड़ जुटाए 11 हजार रुपये, कोरोना रिलीफ फंड में किए डोनेट
इस महामारी से लड़ने के लिए लोग प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक मदद भी दे रहे हैं.

राजस्थान से बांसवाड़ा में 5वीं क्लास में पढ़ने वाले एक बच्चे ने अपने जन्मदिन पर पॉकेट मनी से कुल 11 हजार रुपये रिलीफ फंड (Relief Fund)में डोनेट किए हैं. उनके इस नेक दिली की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है.

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  • Last Updated: March 31, 2020, 11:31 AM IST
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जयपुर. भारत इस वक्त कोरोना वायरस (Coronavirus) से जूझ रहा है. संक्रमितों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है. अब तक 1251 मामले सामने आ चुके हैं. इस महामारी से लड़ने के लिए लोग प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक मदद भी दे रहे हैं. बच्चे भी इसमें पीछे नहीं हैं. राजस्थान से बांसवाड़ा में 5वीं क्लास में पढ़ने वाले एक बच्चे ने अपने जन्मदिन पर पॉकेट मनी से कुल 11 हजार रुपये रिलीफ फंड में डोनेट किए हैं. उनके इस नेक दिली की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है.

क्या है पूरा मामला?
बांसवाड़ा के कंधार वाडी इलाके में रहने वाले अंशुल के पिता कल्पेश पवार दर्जी हैं. परिवार चलाने के लिए इसके साथ ही वह पार्ट टाइम इंश्योरेंस एजेंट का काम भी करते हैं. सोमवार को अंशुल का 11वां जन्मदिन था. वह अपनी पॉकेट मनी लंबे वक्त से गुल्लक में जमा कर रहा था. जन्मदिन पर उसने गुल्लक तोड़े और पैसे गिने. गिनने पर ये कुल 11 हजार रुपये हुए. अंशुल ने ये पैसे रिलीफ फंड में डालने का फैसला लिया. उसने अपने मन की इच्छा दादा और पिता को बताई. दोनों ने तुरंत इसके लिए अनुमति दे दी.

हालांकि, राज्य में लॉक डाउन के चलते कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचना आसान नहीं था. ऐसे में पड़ोसी विवेक वीर वैष्णव बच्चे को लेकर कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे. इस दौरान कोरोना को लेकर जिला कलेक्टर कैलाश बेरवा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग रह रहे थे.



दोनों ने बाहर ही इंतजार किया. मीटिंग खत्म होने के बाद जब कलेक्टर बाहर आए तो, अंशुल इकहा कि वह अपनी पॉकेट मनी रिलीफ फंड में दान करना चाहता है. इतना कहते हुए उसने जेब खर्च से 11 हजार रुपये उन्हें दे दिया.



अंशुल के इस काम की कलेक्टर समेत वहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने भी तारीफ की. अंशुल ने बताया कि दादा हरिलाल और पिता कल्पेश के साथ माता कामिनी से भी उसे काफी प्रेरणा मिली.

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First published: March 31, 2020, 11:31 AM IST
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