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राजस्थान में अब मिलावटखोरों को तुरंत किया जा सकेगा गिरफ्तार, कैबिनेट ने राजस्थान लॉ अमेंडमेंट बिल- 2021 को दी मंजूरी

सीएम अशोक गहलोत की कैबिनेट ने मिलावटखोरी के खिलाफ राज्य में सख्त कानून बनाया है.
सीएम अशोक गहलोत की कैबिनेट ने मिलावटखोरी के खिलाफ राज्य में सख्त कानून बनाया है.

राजस्थान (Rajasthan) में गहलोत सरकार ने खाद्य सामग्री (Food Item) की कालाबाजारी/ मिलावटखोरी और औषधि की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ा कानून बनाया है. गहलोत सरकार ने महाराष्ट्र (Maharashtra) की तर्ज आईपीसी (IPC) की धारा-272 और 273 में बदलाव किया है. इसके तहत मिलावटखोरों को गैर जमानती धाराओं में तुंरत गिरफ्तार किया जा सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 11:48 PM IST
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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) की गहलोत सरकार खाद्य सामग्री (Food Item) की कालाबाजारी/ मिलावटखोरी और औषधि की कालाबाजारी पर एक्शन के मोड़ पर आ गई है. गहलोत सरकार ने महाराष्ट्र (Maharashtra) की तर्ज आईपीसी (IPC) की धारा-272 और 273 में बदलाव किया है. इसके तहत मिलावटखोरों को गैर जमानती धाराओं में तुंरत गिरफ्तार किया जा सकेगा. मौजूदा प्रावधान में मिलावखोरों को जमानत पर छोड़ने की व्यवस्था है. राज्य सरकार ने संशोधन बिल में आर्थिक दंड के प्रावधान भी कड़े किये हैं. सजा की अवधि भी बढ़ाई है.

कैबिनेट ने राजस्थान लॉ अमेंडमेंट बिल- 2021 को सरकुलेशन के माध्यम से मंजूरी प्रदान कर दी है.अब मौजूदा विधानसभा सत्र में यह संशोधन बिल पेश किया जाएगा. अब तक आईपीसी 1807 की धारा 272- 273 में कालाबाजारी और मिलावट खोरी करने पर जमानतीय और असंज्ञेय अपराध माना जाता था. दंड की मात्रा पर्याप्त नहीं थी. पुलिस को भी पर्याप्त शक्ति नहीं थी.

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सेहत के साथ नहीं होगा खिलवाड़
बिल के जमीनी धरातल पर उतरने पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होगा. दूध और दूध से बने पदार्थों, मिठाइयों, मसालों, घी-तेल और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. बिल में कठोर प्रावधान किए गए हैं. कठोर दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं. गहलोत सरकार गृह विभाग के प्रस्ताव पर यह बिल विधानसभा में लाने जा रही है. यह बिल मिलावटखोरी से मुक्ति की दिशा में एक अलग पहचान बनाएगा.

कमेटी ने महाराष्ट्र में लागू कानून का किया था अध्ययन

राज्य सरकार ने एक वर्ष पहले तत्कालीन ACS (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने महाराष्ट्र में लागू कानून का अध्ययन कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी. फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया नई दिल्ली की ओर से जारी रिपोर्ट में मिलावट खोरी पर चिंता जताई थी. रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश नमूनों में से अनसेफ मिले और मानक स्तर पर नहीं पाए गये.

राज्य में चला था ’शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान

सार्वजनिक मंचों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी देते रहे हैं. प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ 26 अक्टूबर से "शुद्ध के लिए युद्ध" अभियान भी चलाया था, जो त्योहारी सीजन के दौरान नवंबर माह के अंत तक चला. मुख्यमंत्री ने कहा था कि मिलावटखोर को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं रुक सकती. महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को उम्रकैद का प्रावधान है और गैर जमानती धाराओं में तुरंत गिरफ्तार किया जाता है.
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