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अजमेर सेंट्रल जेल भ्रष्टाचार प्रकरण, ACB ने पेश की 3 हजार पन्नों की भारी भरकम चार्जशीट

Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: October 17, 2019, 2:35 PM IST
अजमेर सेंट्रल जेल भ्रष्टाचार प्रकरण, ACB ने पेश की 3 हजार पन्नों की भारी भरकम चार्जशीट
प्रकरण में जिन 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है उनमें तत्कालीन जेलर जसवंत सिंह समेत 5 जेल अधिकारी और कर्मचारियों तथा 3 सजायाफ्ता कैदी व 5 अन्य लोग शामिल हैं. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

सुविधा शुल्क के नाम पर अजमेर सेंट्रल जेल (Ajmer Central Jail) में जेल अधिकारियों (Prison officials) की मिलीभगत के साथ चल रहे पैसों के खेल का पर्दाफाश करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) की टीम ने गुरुवार को आरोपियों के खिलाफ कोर्ट (Court) में चार्जशीट (Chargesheet) दाखिल कर दी है.

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अजमेर. सुविधा शुल्क के नाम पर अजमेर सेंट्रल जेल (Ajmer Central Jail) में जेल अधिकारियों (Prison officials) की मिलीभगत के साथ चल रहे पैसों के खेल का पर्दाफाश करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) की टीम ने गुरुवार को आरोपियों के खिलाफ कोर्ट (Court) में चार्जशीट (Chargesheet) दाखिल कर दी है. एसीबी ने इस मामले में अभी तक गिरफ्तार 13 आरोपियों (Accused) के खिलाफ 3 हजार पन्नों की भारी भरकम चार्जशीट पेश की है. इनमें अजमेर सेंट्रल जेल के तत्कालीन जेलर जसवंत सिंह (Jailer Jaswant Singh) भी शामिल हैं.

13 अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लंबित रखी
एसीबी के निरीक्षक पारसमल के अनुसार जिन 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है उनमें तत्कालीन जेलर जसवंत सिंह समेत 5 जेल अधिकारी और कर्मचारियों तथा 3 सजायाफ्ता कैदी व 5 अन्य लोग शामिल हैं. ये वो लोग हैं जो पैसों की वसूली किया करते थे. एसीबी ने गत 19 जुलाई को जेल में दबिश देकर इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया था. इस मामले में एसीबी की ओर से 3 हजार पन्नों की चार्जशीट दायर की गई है. एसीबी ने 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लंबित रखी है. उसमें जेल की तत्कालीन अधीक्षक नीमल चौधरी भी शामिल हैं.

33 लाख 44 हजार रुपए का लेन देन किया गया

बकौल पारसमल एसीबी की अभी तक की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों के जरिए सुविधा शु्ल्क के नाम पर 33 लाख 44 हजार रुपए का लेन देन किया है. एसीबी कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 22 अक्टूबर तय की है.

एसीबी की सात टीमों ने एक साथ छापा मारा था
अजमेर सेंट्रल जेल में उगाही की सूचना के बाद गत 19 जुलाई को एसीबी ने सात अलग अलग टीमें बनाकर जेल में छापा मारा था. एसीबी की शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ था कि सुविधा शुल्क के नाम पर यह रैकेट हर महीने करीब 25 लाख रुपए की अवैध उगाही कैदियों से सिर्फ सुविधा के नाम पर करता है. जेल में आने वाले नए कैदी इनका मुख्य शिकार होते थे. इस गोरखधंधे में शामिल दो सजायाफ्ता कैदी शैतान और दीपक उर्फ सन्नी इन नए कैदियों को डराने और धमकाने का काम करते थे.
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First published: October 17, 2019, 2:28 PM IST
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