ख्वाजा की दरगाह के दीवान बोले, अनुच्छेद 370 हटाया जाना देश के लिए ऐतिहासिक दिन

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने पर सोमवार को कहा कि आज का दिन देश के लिए है ऐतिहासिक दिन है.

News18 Rajasthan
Updated: August 5, 2019, 5:56 PM IST
ख्वाजा की दरगाह के दीवान बोले, अनुच्छेद 370 हटाया जाना देश के लिए ऐतिहासिक दिन
ख्वाजा की दरगाह के दीवान बोले, अनुच्छेद 370 हटाया जाना देश के लिए ऐतिहासिक दिन. (फाइल फोटो)
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Updated: August 5, 2019, 5:56 PM IST
राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने पर सोमवार को कहा कि आज का दिन देश के लिए है ऐतिहासिक दिन है. जैनुल आबेदीन अली खान ने आगे कहा कि इस दिन को स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा. उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने पर संसद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बधाई भी दी.

दरगाह के दीवान ने कहा कि, अब बात केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर होगी और अब जम्मू-कश्मीर का मसला समाप्त हो गया है. खान ने कहा, अस्थाई अनुच्छेद 370 को हटाकर सरकार ने जनता से किए वादे को पूरा कर दिया है. उन्होंने लद्दाख पर सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, कश्मीर के लिए अब तरक्की के रास्ते खुल गए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मसला आज से खत्म हो गया है. दरगाह के दीवान ने कहा, आज पूरा देश सरकार के साथ है और प्रवासी भारतीय भी इसका स्वागत कर रहे हैं.

क्या है अनुच्छेद 370
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता था. राज्य को विशेष दर्जा वाला ये आर्टिकल अब हटाने का ऐलान किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को संसद में इसे हटाने को लेकर प्रस्ताव रख चुके हैं. सरकार ने जम्मू-कश्मीर के आदेश, 1954 को खत्म करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत अनुच्छेद 370 को पेश किया गया था. इसे संविधान आदेश, 2019 के साथ बदल दिया गया है. साथ ही 1954 के प्रावधान को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर में लागू होंगे संविधान के सभी प्रावधान
अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर राज्य में लागू होंगे. सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 में उपबंध 4 जोड़ा है जिसमें चार बदलाव किए गए हैं. अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जिसके पास विधानसभा भी होगी. दिल्ली की तरह ही जम्मू और कश्मीर की सरकार के सभी संदर्भों को अब राज्यपाल को संबोधित करेंगे. वहीं लद्दाख बिना विधानसभा वाला एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा.

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First published: August 5, 2019, 5:33 PM IST
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