Assembly Banner 2021

Kota News: कला दीर्घा को बचाने के लिये एकजुट हुये रंगकर्मी, यूआईटी के निर्णय का किया विरोध

रंगकर्मियों का कहना है कि एक और तो शहर में आर्ट गैलरी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर न्यास यहां के वातावरण को प्रदूषित करने की योजना बना रहा है.

रंगकर्मियों का कहना है कि एक और तो शहर में आर्ट गैलरी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर न्यास यहां के वातावरण को प्रदूषित करने की योजना बना रहा है.

कोटा शहर के कलाकारों (Artists) ने यूआईटी की ओर से कला दीर्घा (Art Gallery) के सामने बनाये जाने वाले प्रस्तावित बस स्टैंड का विरोध जताया है. कलाकारों का कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.

  • Share this:
कोटा. कोचिंग सिटी कोटा के रंगकर्मी (Artists) नगर विकास न्यास की ओर से शहर में कला दीर्घा (Art Gallery) के सामने प्राइवेट बसों के लिए बनाये जाने वाले प्रस्तावित बस स्टैंड के विरोध में उतर आये हैं. रंगकर्मी एकता संघ के ने विभिन्न सामाजिक, कला, नाट्य, संगीत और नृत्य प्रेमी संस्थाओं के एक साथ मिलकर कोटा कला दीर्घा के सामने न्यास के निर्णय का विरोध करते हुए विरोध प्रदर्शन किया है.

इस अवसर पर रास के युवा कलाकार सिद्धार्थ राहुरे ने भविष्य में आर्ट गैलरी का स्वरुप कैसा हो जायेगा उसकी कल्पना करते हुए रंगों के माध्यम से अपनी भावनाओं को कागज पर दुखी मन से प्रदर्शित किया. वहीं अध्यक्ष ब्रिजेन्द्र कौशिक ने कहा की यदि नगर विकास न्यास ने प्रस्तावित बस स्टैंड का निर्णय वापस नहीं लिया तो कोटा के सभी कलाकारों के द्वारा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जायेगा. इस अवसर वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. आनंद बनवारी ने कहा की बहुत बरसों से कलाकारों के लिए कोटा शहर में कला दीर्घा ही एकमात्र जगह बची हुई है. उसे भी न्यास अपनी बिना न्यायोचित नीति के तहत नुकसान पहुंचा रहा है.

यूआईटी ऑडिटोरियम पहले ही कलाकारों की पहुंच से बाहर है
उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम सीबी गार्डन के स्वच्छ और शांति पूर्ण वातावरण पर पड़ेगा. सोसाइटी हैस ईव शी की अध्यक्ष और कलाप्रेमी डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की कोटा आर्ट गैलरी एकमात्र ऐसी जगह है जहां गरीब और संसाधन विहीन कलाकार बहुत ही कम शुल्क में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं. यहां शांत और प्रदूषण मुक्त वातावरण है. निजी बस स्टैंड बन जाने से कलाकारों के प्रदर्शन का यह एक मात्र स्थान भी खत्म हो जायेगा. यूआईटी ऑडिटोरियम पहले ही कलाकारों की पहुंच से बाहर है.
10-15 बरसों के संघर्ष के बाद कलाकारों को यह कला दीर्घा मिली थी


रंगकर्मी मनीष सैन ने कहा की एक और तो शहर में आर्ट गैलरी का जीर्णोद्धार हो रहा है वहीं दूसरी और यहां के वातवरण को प्रदूषित करने की न्यास योजना बना रहा है. यह बेहद शर्मनाक है. 10-15 बरसों के संघर्ष के बाद कलाकारों को यह कला दीर्घा मिली थी. उसे भी न्यास दमनकारी योजना की भेंट चढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इसे सहन नहीं किया. पैराफिन ग्रुप के राजेश विलायत ने नयापुरा के सौन्दर्य को बनाये रखने के लिए सरकार को आर्ट गैलरी के सामने प्रस्तावित निजी बस स्टैंड को शहर के किसी और हिस्से में हस्तांतरित करने का अनुरोध किया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज