अजमेर : न्यूज18 की मुहिम रंग लाई, इंडिगो फ्लाइट में जन्मे लक्षित के नाम जारी हुआ बर्थ सर्टिफिकेट

आखिरकार आज फ्लाइट में जन्मे बच्चे को नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र मिल गया.

आखिरकार आज फ्लाइट में जन्मे बच्चे को नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र मिल गया.

बेंगलुरु से जयपुर जा रही इंडिगो की फ्लाइट में पैदा हुए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने से सरकारी दफ्तर ने इस आधार पर मना कर दिया था कि उस प्रमाण पत्र में बच्चे के जन्म की जगह क्या डाली जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 10:59 PM IST
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अजमेर. बेंगलुरु से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट में 17 मार्च को जिस बच्चे का जन्म हुआ था, उसे जयपुर ग्रेटर नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र मिल गया. इस बच्चे का नाम लक्षित रखा गया है. इस बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में सारी अड़चन उसके जन्म स्थान को लेकर हो रही थी. तब इस मामले को न्यूज18 ने प्रमुखता से उठाया और अपने सामाजिक दायित्य के तहत उसने जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात की. वहां से जो रास्ता सुझाया गया उसी के आधार पर यह जन्म प्रमाण पत्र मिल सका है.

22 मार्च को इंडिगो की फ्लाइट में जन्मा था बच्चा

आपको याद दिला दें कि 22 मार्च को ललिता नाम की गर्भवती महिला इंडिगो की फ्लाइट से बेंगलुरु से जयपुर चली थी. अजमेर के ब्यावर की रहने वाली ललिता को जयपुर के नजदीक अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. आनन फानन में इंडिगो स्टाफ ने उड़ते प्लेन में ही एक महिला चिकित्सक और क्रू मेंबर के सहयोग से सफल प्रसव करवाया. उसके बाद जच्चा और बच्चा सकुशल जयपुर लैंड कर गए.

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सरकारी कार्यालय ने बर्थ सर्टिफिकेट देने से इनकार किया था

बाद में ललिला और उसके पति भैंरू सिंह ने अजमेर जिले के अपने गांव पहुंचकर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनावाना चाहा, लेकिन सरकारी दफ्तर ने इस आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया कि उस प्रमाण पत्र में बच्चे के जन्म की जगह क्या डाली जाएगी. इस तरह बच्चे के माता-पिता हफ्ते भर सरकारी कार्यालय का चक्कर काटते रहे. तब न्यूज18 की टीम ने नगर निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो एयरलाइंस से बात की.

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुझाया रास्ता



न्यूज18 की टीम को जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक रास्ता सुझाया. जयपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने कहा कि अगर बच्चे के मां-बाप प्रसव का पूरा विवरण लिखकर एयरपोर्ट अथॉरिटी को देते हैं तो वह इस मामले की पुष्टि कर सकता है. और तब इस आधार पर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है. इसी गाइडलाइन पर चलकर ललिता और भैंरू सिंह को अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र मिल गया. उन्होंने फ्लाइट में जन्मे इस बच्चे का नाम लक्षित रखा है.
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