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Rajasthan Politics: आखिरकार रंग लाई विधायक वाजिब अली और संदीप यादव प्रेशर पॉलिटिक्स, अब टिकट बचाने की कवायद

Rajasthan Politics: आखिरकार रंग लाई विधायक वाजिब अली और संदीप यादव प्रेशर पॉलिटिक्स, अब टिकट बचाने की कवायद

दोनों ही विधायकों को लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार था और इनके द्वारा प्रेशर पॉलिटिक्स का सिलसिला भी लगातार जारी था.

दोनों ही विधायकों को लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार था और इनके द्वारा प्रेशर पॉलिटिक्स का सिलसिला भी लगातार जारी था.

विधायक वाजिब अली और संदीप यादव को राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा मिल गया है. वाजिब अली को राजस्थान राज्य खाद्य आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है तो संदीप यादव को भिवाड़ी शहरी आधारभूत विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए दोनों विधायकों की प्रेशर पॉलिटिक्स रंग लाई है. हालांकि अब विधायकों के लिए ज्यादा कुछ बचा नहीं है. अगला चुनाव होने में मात्र सवा साल ही बचा है. ऐसे में विधायकों के सामने अपना टिकट बचाने की कवायद आगे खड़ी है.

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जयपुर. बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक वाजिब अली और संदीप यादव की प्रेशर पॉलिटिक्स आखिर रंग लाई. राज्य सरकार ने दोनों विधायकों को राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा दे दिया है. वाजिब अली को राजस्थान राज्य खाद्य आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है तो संदीप यादव को भिवाड़ी शहरी आधारभूत विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. दोनों ही विधायकों को लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार था और इनके द्वारा प्रेशर पॉलिटिक्स का सिलसिला भी लगातार जारी था. पिछले दिनों में इन विधायकों द्वारा कई ऐसे बयान दिए गए जिनकी वजह से सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए और सरकार के लिए मुश्किलें पैदा हुईं.

आखिरकार इन दोनों को राजनीतिक नियुक्तियों से नवाजा गया. बसपा से ही कांग्रेस में शामिल हुए इनके 4 साथी विधायकों को पहले ही एडजस्ट किया जा चुका है. वाजिब अली और संदीप यादव को भले ही राजनीतिक नियुक्ति मिल गई हो लेकिन सरकार की मुश्किलें अभी कम होने वाली नहीं हैं. दरअसल राजनीतिक नियुक्तियों की कतार में और भी कुछ नेता-विधायक हैं. खास तौर से सरकार बचाने में साथ देने वाले कांग्रेस के ही कुछ विधायक नियुक्ति की आस संजोए बैठे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में इन विधायकों के भी तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं.

गहलोत-माकन में हुई मंत्रणा
प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए राजनीतिक नियुक्तियां हासिल करने की कवायद आगामी दिनों में नजर आ सकती है. हालांकि अब राज्य सरकार पर प्रेशर बनाने के लिए विधायकों के पास ज्यादा कुछ बचा नहीं है. दरअसल अब विधानसभा चुनाव में सवा साल का ही वक्त बचा है. लिहाजा अब विधायकों की कवायद अपना टिकट बचाने की ज्यादा है. वहीं राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव भी अब सम्पन्न हो चुके हैं जिनके जरिए विधायक दबाव बना सकते थे. हालांकि मुख्यमंत्री की मंशा सियासी संकट के दौरान साथ देने वाले लोगों को ईनाम देने की है. यही वजह है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक नियुक्तियों की तीसरी सूची आने की संभावना जताई जा रही है.

सोमवार रात प्रदेश प्रभारी अजय माकन और सीएम गहलोत के बीच लम्बी मंत्रणा हुई है. माना जा रहा है कि इस मंत्रणा में प्रदेश के सियासी मसलों पर लम्बा मंथन हुआ है. इस मंथन के दौरान ही वाजिब अली और संदीप यादव की नियुक्ति के आदेश आए. अब अगले कुछ दिनों में और कुछ राजनीतिक नियुक्तियां होने की संभावना है. वहीं इससे भी बढकर प्रदेश में मंत्रिमंडल रिशफल की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल से कुछ पुराने चेहरों को बाहर कर नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. कुल मिलाकर सियासी लिहाज से अगले कुछ दिन अहम हैं और इन दिनों में बड़ी सियासी हलचलें देखने को मिल सकती है.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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