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...तो इस मामले में दुनिया का दूसरा शहर बन जाएगा कोटा, 700 करोड़ खर्च कर बदली जाएगी सूरत

यहां घंटाघर घाट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी लगायी जायेगी. इसका व्यास 9.5 मीटर होगा. अभी सबसे बड़ी घंटी मास्कों में 8 मीटर व्यास की है.
यहां घंटाघर घाट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी लगायी जायेगी. इसका व्यास 9.5 मीटर होगा. अभी सबसे बड़ी घंटी मास्कों में 8 मीटर व्यास की है.

Chambal River Front: कोटा शहर में 700 करोड़ की लागत से तैयार किये जा रहे चंबल रिवर फ्रंट के तहत कोटा शहर को ट्रैफिक सिग्नल मुक्त (Traffic signal free city) करने की प्‍लानिंग है.

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कोटा. चंबल रिवर फ्रंट (Chambal River Front) कोचिंग सिटी कोटा की काया पलट करने जा रहा है. चंबल रिवर फ्रंट के जरिये कोटा शहर के विकास को लेकर कई नवाचार किये जा रहे हैं. इसके तहत जहां कोटा शहर को ट्रैफिक सिग्नल मुक्त (Traffic signal free city) किया जाएगा, वहीं यहां दुनिया की सबसे बड़ी घंटी लगाए जाने की भी तैयारियां कर ली गई हैं.

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि कोटा शहर निकट भविष्य में देश का पहला एवं दुनिया का दूसरा शहर होगा जो यातायात सिग्नल मुक्त होगा. शहर के लिए ऐसी योजना बनाई गई है, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल की वजह से ठहरना नहीं पड़ेगा. इसके लिए चौराहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास तथा एलिवेटेड रोड बनायी जाएंगी.

करीब 700 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
देशभर में शैक्षणिक नगरी के नाम से विख्यात हाड़ौती की शान कोटा में इस प्रोजेक्ट के तहत गीता के श्लोकों पर आधारित स्कल्पचर्स के साथ ही हाड़ा रानी और पन्नाधाय की कहानी तथा सिंह और घड़ियाल के स्कल्पचर्स भी लगाए जाएंगे. मेवाड़, मारवाड़, शेखावाटी और हाड़ौती की झलक वाली संरचनायें और हेलीकॉप्टर राइड चंबल रिवर फ्रंट के मुख्य आकर्षण होंगे. इस प्रोजेक्ट पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
कई सुविधाओं का होगा विकास


कोटा को पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए कोटा बैराज से नयापुरा तक बनाया जाने वाला यह चंबल रिवर फ्रंट देश में अपनी तरह का अनूठा होगा. इससे कोटा पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा. इस पर 700 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. इसमें कई प्रकार के चौक, घाट और राजस्थान शिल्प की आकर्षक आकृतियां बनाई जाएंगी. इसके साथ ही लोग हेलीकॉप्टर से कोटा दर्शन कर सकें इसके लिए हेलीकॉप्टर राइडिंग की सुविधा भी विकसित की जा रही है. इसके तहत ढाई दर्जन घाट भी बनाए जाएंगे.

यह अहम कार्य होंगे
- साहित्य घाट पर तुलसीदास, प्रेमचंद और गालिब की रचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी तथा लाइब्रेरी भी बनायी जाएगी.
- हिस्ट्री पार्क में शक्ति और भक्ति की प्रतीक हाड़ा रानी और पन्नाधाय की कहानी प्रदर्शित की जाएगी.
- सिंह-घड़ियाल घाट पर 15 सिंह ओर 15 घड़ियाल के स्कल्पचर्स नजर आएंगे.
- महाराणा घाट पर मेवाड़, मारवाड़, शेखावाटी और हाड़ौती की झलक देखने को मिलेगी.
- छतरी घाट पर लाल पत्थर का बड़ा नंदी स्थापित होगा.
- म्यूजिकल घाट पर म्यूजिक आयोजन किये जा सकेंगे.
- बच्चों के लिए वाटर गेम जोन बनेगा. पेड़ों पर लाइटिंग की जाएगी.
- घंटाघर घाट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी लगायी जाएगी. इसका व्यास 9.5 मीटर होगा. अभी सबसे बड़ी घंटी मास्को में 8 मीटर व्यास की है.
- रिवर फ्रंट पर बहुत सी जगह म्यूजिकल फव्वारे एवं रोशनी का अनूठा डिजाइन नजर आएगा. यहां मनोरंजन के लिए कई प्रकार के निर्माण किये जाएंगे.
- जवाहर घाट पर जवाहर लाल नेहरू को समर्पित एक फ्रीडम टावर बनेगा. इसका डिजाइन एवं आकल्पन जयपुर के वरिष्ठ वास्तुकार अनूप बरतरिया हैं.
- चंबल रिवर फ्रंट के किनारे माता चर्मण्यवती की 40 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी.
- सुंदर हैंडीक्राफ्ट बाजार और खूबसूरत गार्डन विकसित होंगे.
- फूड कोर्ट में कई देशों के लजीज व्यंजन आने वालों को लुभाएंगे.
- चंबल रिवर फ़्रंट को भारत का सबसे ज्यादा आकर्षक बनाया जा रहा है. इसे देखने दुनिया के लोग यहां आएंगे.
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