लाइव टीवी

Coronavirus: 808 साल में पहली बार लंबे समय के लिए बंद हुए अजमेर दरगाह के दरवाजे
Ajmer News in Hindi

Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: March 21, 2020, 9:39 AM IST
Coronavirus: 808 साल में पहली बार लंबे समय के लिए बंद हुए अजमेर दरगाह के दरवाजे
अजमेर दरगाह को 31 मार्च तक के लिए जायरीनों के वास्ते बंद कर दिया गया है.

कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते अजमेर की विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (गरीब नवाज) की दरगाह (dargah) को उसके 808 साल के इतिहास (History) में पहली बार एक लंबे समय के लिए जायरिनों के लिए बंद (Close) कर दिया गया है.

  • Share this:
अजमेर. कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते अजमेर की विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (गरीब नवाज) की दरगाह (dargah) को उसके 808 साल के इतिहास (History) में पहली बार एक लंबे समय के लिए जायरिनों के लिए बंद (Close) कर दिया गया है. शुक्रवार देर रात दरगाह को एसपी कुंवर राष्ट्रदीप की अगुवाई में पूरी तरह से खाली करवा दिया गया है. राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने यह फैसला शुक्रवार दोपहर भीलवाड़ा में एकाएक सामने आए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या के बाद लिया.

31 मार्च तक के लिए जायरीनों के वास्ते दरगाह बंद
शुक्रवार को भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद शाम को अजमेर में जिला प्रशासन ने आपात बैठक बुलाकर दरगाह में सुरक्षा बंदोबस्तों की समीक्षा की. बैठक में अंजुमन पदाधिकारियों सहित दरगाह दीवान के प्रतिनिधि और दरगाह कमेटी के अफसर मौजूद रहे. दरगाह में बड़ी संख्या में जायरीन की संख्या को देखते हुए कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने राज्य सरकार से मिले निर्देशों के बाद गरीब नवाज की दरगाह को 31 मार्च तक के लिए जायरीनों के वास्ते बंद करने का फैसला लिया. इस दौरान दरगाह में निभाई जाने वाली धार्मिक रस्मों के लिए सीमित संख्या में खादिमों को दरगाह में जाने की अनुमति दी गई है.

रात 9 बजे तक दरगाह खाली करवाई



फैसला आने के तुरंत बाद पुलिस भी हरकत में आ गई. पहले से लागू धारा 144 का हवाला देते हुए खुद एसपी कुंवर राष्ट्रदीप दरगाह पहुंचे और जायरीन को दरगाह से निकालने का काम तेजी से शुरू हुआ. शाम साढ़े 5 बजे से शुरू हुई यह कसरत रात करीब 9 बजे पूरी हुई. हाल ही में ख्वाजा गरीब नवाज का 808वां उर्स सम्पन्न हुआ है. इसमें दुनियाभर से लाखों जायरीन दरगाह में अपनी अकीदत को लेकर पहुंचे थे. महज चंद दिनों में ही दरगाह की तस्वीर बदल गई. सालभर जायरीनों की भीड़ से गुलजार रहने वाला ख्वाजा का दरबार अब कोरोना वायरस के फैलने के डर से सुनसान हो चुका है.

11 में से केवल 1 दरवाजा खुला रहेगा
एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा कि जनता की सेहत की सुरक्षा इस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा है और उसको लेकर किसी तरह का समझौता मुमकिन नहीं है. यही वजह है कि 31 मार्च तक दरगाह में जायरीनों का प्रवेश प्रतिबंध रहेगा. आस्ताने की खिदमत और दूसरे धार्मिक रस्म निभाने के लिए अधिकतम 20 लोगों को दरगाह में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. इसमें खादिम के साथ अन्य कर्मचारी शामिल होंगे. इसके अलावा दरगाह के कुल 11 दरवाजों में से केवल एक ही दरवाजा निज़ाम गेट खुला रहेगा और बाकी सब बंद रहेंगे.

घर से ही अपनी दुआ करें और नमाज पढ़ें
दरगाह कमेटी की ओर से भी लाउडस्पीकर पर समय समय पर अनाउंसमेंट किया जा रहा है. इसमें जायरीनों से दरगाह आने से परहेज रखने के साथ ही कोरोना से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं. इसके अलावा दरगाह दीवान ने भी मुल्क के लोगों से अपील की है कि वे अगले 2 हफ्ते यात्रा करने से बचे और घर से ही अपनी दुआ करें और नमाज पढ़ें. दरगाह दीवान सैयद जेनुअल आबेदीन ने सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को लेकर आम लोगों से उसमें सहयोग करने की भी अपील की है. इसके अलावा दरगाह बाजार व्यापारिक एसोसिएशन ने भी स्वेच्छा से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है.

 

Corona: भीलवाड़ा के बांगड हॉस्पीटल में इलाज कराया है तो चिकित्सक से संपर्क करें

 

Coronavirus: संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ी, भीलवाड़ा शहर में लगाया कर्फ्यू

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अजमेर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 21, 2020, 9:26 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर