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निकाय चुनाव: नगरपालिका के नाम पर नसीराबाद के साथ हुआ मजाक !

Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: November 1, 2019, 2:03 PM IST
निकाय चुनाव: नगरपालिका के नाम पर नसीराबाद के साथ हुआ मजाक !
सरकार ने अधिसूचना जारी कर जिस क्षेत्र को नसीराबाद नगरपालिका घोषित किया है वह महज 1000 मकानों और 957 मतदाताओं वाली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी है. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

नसीराबाद में पहली बार नगर पालिका के चुनाव (Municipality elections) होने है, लेकिन इन चुनाव में कस्बे के बहुतायत मतदाता (Voter) मतदान से वंचित (deprived of voteing) रहेगें. नसीराबाद को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद भी यहां के वाशिंदे छावनी परिषद (Cantonment council) के अधीन ही रहने को मजबूर होगें.

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अजमेर. शहरों की सरकार (Government of cities ) चुनने के इस महासमर के बीच एक ऐसा शहर भी है जो इस चुनाव के जरिए खुद का ठगा हुआ (Cheated) सा महसूस कर रहा है. हम बात कर रहे हैं अजमेर जिले (Ajmer District) के नसीराबाद (Nasirabad) की. यहां पहली बार नगर पालिका के चुनाव (Municipality elections) होने है, लेकिन इन चुनाव में कस्बे के बहुतायत मतदाता (Voter) मतदान से वंचित (deprived of voteing) रहेगें. नसीराबाद को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद भी यहां के वाशिंदे छावनी परिषद (Cantonment council) के अधीन ही रहने को मजबूर होगें.

बीजेपी राज में मिला था पूर्ण नगरपालिका का दर्जा
सैन्य छावनी होने के कारण नसीराबाद के लोग बरसों से कई तरह की परेशानियों का सामना करते आ रहे थे. इससे निजात दिलाते हुए पू‌र्ववर्ती बीजेपी सरकार ने अजमेर लोकसभा उपचुनाव के दौरान इसे पूर्ण नगरपालिका का दर्जा दिलाने का ऐलान किया था. बाद में रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर काम करते हुए इसकी शुरुआत भी की थी. नसीराबाद को नगरपालिका का दर्जा मिला भी, लेकिन किस तरह का इसकी बानगी जरा आप भी समझिए.

1000 मकानों और 957 मतदाताओं वाली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी है

नसीराबाद कस्बे की आबादी 50 हजार के करीब है. यह आबादी आज भी छावनी परिषद के अधीन है. सरकार ने अधिसूचना जारी कर जिस क्षेत्र को नसीराबाद नगरपालिका घोषित किया है वह महज 1000 मकानों और 957 मतदाताओं वाली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी है. चुनावी बादल छंटने के बाद जब लोगों को इस हकीकत का पता चला तो उनके लिए यह किसी भद्दे मजाक से कम नहीं था. इसके जरिए नसीराबाद के लोगों को दो धड़ों में बांट दिया गया है. अधिकांश आबादी आज भी छावनी के अधीन है और महज एक हजार लोग नगरपालिका क्षेत्र में शामिल हैं.

बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रही है
नसीराबाद के साथ हुए इस अजीबो गरीब फैसले पर अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपनी राजनैतिक रोटियां सेकते हुए नजर आ रहे हैं. चूंकि पूर्ण पालिका का दर्जा देने का फैसला बीजेपी सरकार के दौरान हुआ तो पार्टी के नेता इसका श्रेय ले रहे है. लेकिन इसके गठन की अधिसूचना मौजूदा कांग्रेस सरकार में जारी होने के कारण उसकी तकनीकी गलती ठहरा रहे हैं. वहीं कांग्रेस इसे बीजेपी सरकार की ओर से नसीराबाद की जनता के साथ की गई धोखाधड़ी बता रहे हैं. कांग्रेस केन्द्र में अपनी सरकार बनने पर इस खामी को दूर करने का चुनावी वादा कर रही है.
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First published: November 1, 2019, 1:45 PM IST
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