Ajmer: RPSC का काम समयबद्धता से कराना ही पहली प्राथमिकता - यादव

यादव के सामने कोरोना काल में लंबित भर्तियों को पूरा कराने के साथ ही परीक्षाओं को कराना सबसे बड़ी चुनौती है.
यादव के सामने कोरोना काल में लंबित भर्तियों को पूरा कराने के साथ ही परीक्षाओं को कराना सबसे बड़ी चुनौती है.

Rajasthan Public Service Commission: आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है. यादव ने कहा है कि समयबद्धता (Timeliness) ही उनकी पहली प्राथमिकता (Priority) है.

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अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (Rajasthan Public Service Commission) के नवनियुक्त चेयरमैन भूपेन्द्र सिंह यादव ने कहा है कि वे इस नई भूमिका के लिए तैयार हैं. उन्हें बस आयोग के कामकाज और तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए. यादव ने कहा कि आयोग का काम समयबद्धता (Timeliness) के साथ हो यही उनकी प्राथमिकता (Priority) है. बुधवार को नियुक्ति आदेश के तत्काल बाद ही यादव ने निर्वतमान अध्यक्ष दीपक उप्रेती से पदभार ग्रहण कर लिया. आरपीएससी में काम की चुनौती को सरकार भी बखूबी समझती है. यही कारण है कि नये अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही सरकार ने आयोग में लंबे समय से रिक्त चल रहे सदस्यों के 4 पदों पर भी नियुक्ति कर कोरम को पूरा किया है.

आयोग के 35वें अध्यक्ष के रूप में काम संभालने वाले यादव के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. कोरोना महामारी के चलते आयोग की कई परीक्षाएं आगे खिसकी हुई हैं तो कई ऐसी हैं जिनके साक्षात्कार अटके हुए हैं. कार्यभार ग्रहण करते समय आयोग अध्यक्ष यादव की बॉडी लैग्वेंज काफी कॉन्फिडेन्ट नजर आई. वे इस बात को भी बखूबी समझते हैं कि आयोग अध्यक्ष की यह कुर्सी काफी चुनौतीभरी है. खासकर कोरोना काल में लंबित भर्तियों को पूरा कराने के साथ ही परीक्षाओं को कराना सबसे बड़ी चुनौती है.

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यादव के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां
आयोग ने बीते अगस्त में भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कार का कार्यक्रम जारी किया था. इनमें जनसंपर्क अधिकारी, समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सहायक शिक्षुता सलाहकार, उपाचार्य/अधीक्षक प्राविधिक शिक्षा विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा-2018 के साक्षात्कार शामिल थे. ये साक्षात्कार 7 सितंबर से 23 अक्टूबर तक होने थे. लेकिन 6 सितंबर को कोविड-19 संक्रमण के चलते आयोग ने सभी साक्षात्कार स्थगित कर दिए. इसके अलावा 20 से 27 सितंबर तक सहायक वन संरक्षक एवं फॉरेस्ट रेंज अधिकारी (वन विभाग) परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है. इसकी नई तारीख आना बाकी है. आयोग ने स्थगित परीक्षाओं-साक्षात्कार का संशोधित कार्यक्रम बनाने की बात कही थी, लेकिन वह अभी तक बना नहीं है.

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धरना- प्रदर्शन करना और ज्ञापन देना आम बात हो चुकी है
हालांकि आयोग फिजियोथेरेपिस्ट स्क्रीनिंग परीक्षा, कृषि अनुसंधान अधिकारी, इंस्पेक्टर फैक्ट्री एवं बॉयलर्स संवीक्षा परीक्षा, व्याख्याता स्कूल शिक्षा परीक्षा और सहायक कृषि सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा की तिथियां जारी कर चुका है. यह परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में होंगी. इन सबके अलावा कई ऐसी पुरानी परीक्षाएं हैं जिनकी नतीजे आना बाकी है और उनको लेकर अभ्यर्थियों का आयोग कार्यालय के बाहर आए दिन धरना- प्रदर्शन करना और ज्ञापन देना आम बात हो चली है.
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