MDS University Case: कुलपति एंड टीम 10 सितंबर तक रिमांड पर, मोबाइल और लैपटॉप जब्त
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MDS University Case: कुलपति एंड टीम 10 सितंबर तक रिमांड पर, मोबाइल और लैपटॉप जब्त
यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो आरपी सिंह  पर रिश्वत लेने का आरोप.

एडीजी दिनेश एमए का कहना है कि रिश्वत (Bribe) का ये पूरा खेल कुलपति के इशारों पर ही चल रहा थै. ब्यूरों लगातार नजर रख रही थी.

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अजमेर. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम के हत्थे चढ़े 2 लाख 20 हजार की रिश्वत लेते एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो आरपी सिंह (RP Singh), उनके दलाल रणजीत और नागौर के निजी कॉलेज के प्रतिनिधि महिपाल को मंगलवार शाम ब्यूरो ने एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया. ब्यूरो ने अदालत से तीनों को रिमांड पर सौंपने का आग्रह किया. इस पर तीनों को 10 सितंबर तक एसीबी के रिमांड पर भेजने का आदेश कोर्ट ने जारी किया है. इससे पहले मंगलवार सुबह एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन खुद अजमेर पहुंचे और करीब 3 घंटे तक तीनों से अलग-अलग पूछताछ की.

एडीजी दिनेश एमएन ने साफ कहा कि रिश्वत का यह खेल कुलपति के इशारों पर ही चल रहा था. 2 महीने पहले भी ब्यूरो की टीम ट्रैप करने वाली थी, लेकिन एन वक्त पर ट्रैप फैल हो गया था. उस वक्त भीलवाड़ा के एक निजी कॉलेज संचालक ने ब्यूरो को शिकायत दी थी जिस पर एसीबी ने कुलपति और उसके दलाल रंजीत का फ़ोन सर्विलांस पर रखा था. बतौर एसीबी एडीजी दिनेश एमएन से खुद कुलपति ने पैसों की मांग रखी थीं. इसके बाद भी ब्यूरो लगातार इन पर नजर रख रहा था. अब इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी के कई अन्य अफसर भी एसीबी की जांच राडार पर आ गए है.

मोबाइल-लैपटॉप जब्त



मंगलवार को ब्यूरो के दफ्तर में यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो.सुब्रतो दत्ता को भी तलब किया गया. ब्यूरो की टीम ने कुलपति दफ्तर से कुछ फ़ाइल औऱ मोबाइल, लैपटॉप भी जब्त किए है जिसकी जांच अब शुरू हो गई है. एसीबी सूत्रों की मानें तो रिश्वत का यह खेल लंबे समय से चल रहा था. ऐसे में अब एसीबी पूरे मामले की गहराई में जाकर पड़ताल कर रही है. कुलपति आरपी सिंह इससे पहले जोधपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे है और उससे पहले मेरठ यूनिवर्सिटी के भी. हालांकि, ब्यूरो के अधिकारी फिलहाल उनकी वर्तमान पोस्टिंग पीरियड को ही जांच के दायरे में रखकर अनुसंधान का रही है और इस संगठित पैसों के खेल की दूसरी कड़ियों को भी तोड़ने में जुट गई है.
एडीजी दिनेश एमएन ने साफ कहा कि रिश्वत का यह खेल कुलपति के इशारों पर ही चल रहा था.


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एसीबी एडीजी दिनेश एमएन ने अपील भी की है इस मामले में अगर कोई और भी पीड़ित है तो वो ब्यूरो से संपर्क कर सकता है. फिलहाल, तीनों आरोपी 10 सितंबर तक रिमांड पर है. इस बीच उनसे कई दफन राज़ खुलवाने में एसीबी लग गई है. साथ ही कुलपति के उन संपर्कों को भी तलाशना शुरू कर दिया है जो इस खेल में उनके सहभागी थे. अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कुलपति प्रो.आरपी सिंह ने कोर्ट में पेश होने के बाद मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि फिलहाल एसीबी जांच कर रही है. उन्हें पूरा भरोसा है कि इस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
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