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राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की 'बगावत' पर बोले BJP नेता- राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हालात

भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान में चल रहे राजनीतिक गतिरोध पर टिप्पणी की. (फोटो-फेसबुक)

भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान में चल रहे राजनीतिक गतिरोध पर टिप्पणी की. (फोटो-फेसबुक)

राजस्थान में चल रहा राजनीतिक गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं सोनिया गांधी ने पार्टी की तरफ से जयपुर गए पर्यवेक् ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं.
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जनता जानती है कि किसके इशारे पर इस्तीफे का खेल चल रहा है.
दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों को सभी विधायक से बात करने का निर्देश दिया गया है.

जयपुर. राजस्थान में राजनीतिक गतिरोध तेजी से चल रहा है. एक तरफ जहां पर्यवेक्षक के तौर पर जयपुर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों का इंतजार करते रहे. वहीं करीब 82 विधायक बैठक में ना जाकर विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी के घर पहुंच गए. हालांकि अभी सोनिया गांधी ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि सभी विधायकों की बात सुनकर रिपोर्ट तैयार की जाए. वहीं सचिन पायलट और अशोक गहलोत को दिल्ली बुलाया है. इस बीच भाजपा नेता कांग्रेस पार्टी और गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्‍ठ नेता और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार रात कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं. राठौड़ ने ट्वीट किया, ‘राजस्थान में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, आप नाटक क्यों कर रहे हों. मंत्रिमंडल के इस्तीफे के बाद अब देरी कैसी. आप भी इस्तीफा दे दीजिए.’

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भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौर ने ट्वीट कर कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं.

गहलोत समर्थक विधायकों के अपना इस्‍तीफा विधानसभा अध्‍यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सौंपे जाने की खबरों पर उन्‍होंने कहा, ‘‘किसके इशारे पर त्यागपत्र देने का खेल चल रहा है इसे जनता भली-भांति समझ चुकी है. इस्तीफा-इस्तीफा का खेल कर समय जाया ना करें, अगर इस्तीफा देना ही है तो मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग का प्रस्ताव राज्यपाल महोदय को तत्काल भेजें.’ गौरतलब है कि राजस्थान में नाटकीय घटनाक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफादार विधायकों ने अपने इस्तीफे सौंपने के लिए रविवार रात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी पी जोशी के निवास जाने का फैसला किया.

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब विधायक दल की बैठक में गहलोत के उत्तराधिकारी को चुनने की संभावना है. इस स्थिति से मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष गहराने का संकेत मिल रहा है. गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे इसलिए उनके उत्तराधिकारी को चुने जाने की चर्चा है. भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ताजा घटनाक्रम पर ट्वीट किया, ‘रूझान आने प्रारंभ…2023 में ‘जय भाजपा-तय भाजपा’.

एक अन्य ट्वीट में उन्‍होंने कहा, ‘इतनी अनिश्चितता तो आज भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच में भी नहीं है जितनी राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में नेता को लेकर है। विधायकों की बैठकें अलग चल रही है, इस्तीफों का सियासी पाखंड अलग चल रहा है। ये क्या राज चलाएंगे, कहाँ ले जाएँगे ये राजस्थान को, अब तो भगवान बचाए राजस्थान को.’ वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, ‘बाड़ेबंदी की सरकार ..एक बार फिर बाड़े में जाने को तैयार.’ उल्‍लेखनीय है कि दो साल पहले राजनीतिक संकट खड़ा होने पर कांग्रेस के विधायक महीने भर से अधिक समय तक विभिन्‍न होटलों में रहे थे जिसे स्‍थानीय भाषा में ‘बाड़ाबंदी’ कहा गया था.

Tags: Ashok gehlot, Rajasthan Congress

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