राजस्थान उपचुनाव: 3 सीटों के चुनाव परिणाम आज, कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

रविवार को आने वाले इन चुनाव परिणामों से कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज इन सीटों को जीतने के लिए मैदान में डटे हुए थे. इन तीन में से दो सीटें कांग्रेस के पास थीं जिन्हें बरकरार रखना और तीसरी सीट पर भी जीत हासिल करना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है.

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जयपुर. रविवार को प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव ( by-election ) के परिणाम (results) आएंगे. आने वाले इन चुनाव परिणामों से कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज इन सीटों को जीतने के लिए मैदान में डटे हुए थे. इन तीन में से दो सीटें कांग्रेस के पास थीं जिन्हें बरकरार रखना और तीसरी सीट पर भी जीत हासिल करना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है. उपचुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए कांग्रेस के कई दिग्गजों ने मैदान में एड़ी से लेकर चोटी का जोर लगाया था. ऐसे में परिणाम के साथ इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है.

किस सीट पर किस नेता की प्रतिष्ठा दांव पर

सहाड़ा विधानसभा सीट-  सहाड़ा विधानसभा इस सीट पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर है. यहां प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह राठौड़, हरिमोहन शर्मा और रामसिंह कस्वा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. भीलवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ चुके खेल मंत्री अशोक चांदना की भी साख दांव पर है. वहीं विधायक रामलाल जाट और एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर की भी प्रतिष्ठा दांव पर है.

राजसमंद विधानसभा सीट
इस सीट पर चुनाव की कमान सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के हाथ थी. खान मंत्री प्रमोद जैन भाया की प्रतिष्ठा भी इस सीट पर दांव पर है. संगठन प्रभारी के नाते पुष्पेन्द्र भारद्वाज, आशीष परेवा और मुकेश वर्मा की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव में तय होगी.

सुजानगढ़ विधानसभा सीट

सुजानगढ़ विधानसभा सीट पर खुद पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. वहीं प्रभारी मंत्री भंवर सिंह भाटी की प्रतिष्ठा भी इस सीट से जुड़ी है. संगठन प्रभारी के तौर पर मंगलाराम गोदारा, डूंगरराम गेदर और नौरंग वर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर है. वहीं पूर्व मंत्री नसीम अख्तर, विधायक नरेन्द्र बुडानिया, कृष्णा पूनिया की साख का सवाल भी इस चुनाव में है. रफीक मंडेलिया, पूसाराम गोदारा, भंवरलाल पुजारी और रेहाना रियाज जैसे नेताओं की प्रतिष्ठा भी चुनावी परिणामों से तय हागी.



सेहरा बंधेगा या फूटेगा हार का ठीकरा

इन नेताओं के साथ ही प्रदेश प्रभारी के नाते अजय माकन की प्रतिष्ठा का सवाल भी इन सीटों से जुड़ा हुआ है तो अप्रत्यक्ष तौर पर डॉ. सीपी जोशी की प्रतिष्ठा भी मेवाड़ क्षेत्र की दो सीटों से जुड़ी हुई है. सहाड़ा और राजसमंद दोनों जगह पर गुर्जर समाज के वोट अपनी ताकत रखते थे, लिहाजा सचिन पायलट फैक्टर ने यहां क्या भूमिका निभाई, यह भी देखना अहम होगा. राजसमंद सीट से पार्टी को लगातार चार बार पराजय मिली थी, लेकिन इस बार पार्टी जीत की उम्मीदें संजो रही है. कांग्रेस इन सीटों को जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था. पार्टी ने पूरी फौज चुनावी मैदान में उतार दी थी. लेकिन पार्टी को यदि जीत हासिल होती है तो मुख्य भूमिका में कमान संभाल रहे इन नेताओं के सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा. यदि हार होती है तो ठीकरा भी इन्हीं के माथे पर फूटेगा.
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