सचिन पायलट ने कांग्रेस के सामने रखी थीं ये तीन मांगें, पढ़ें पद से हटाने की इनसाइड स्‍टोरी
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सचिन पायलट ने कांग्रेस के सामने रखी थीं ये तीन मांगें, पढ़ें पद से हटाने की इनसाइड स्‍टोरी
सचिन पायलट को पद से हटाने की इनसाइड स्टोरी

Rajasthan Crisis: सचिन पायलट (Sachin Pilot) को लगातार मनाने की कोशिश कर रही कांग्रेस (Congress) ने उन्‍हें पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाने का फैसला क्‍यों किया? कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से बात करके हिंदुस्तान टाइम्स ने इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की है.

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नई दिल्‍ली. राजस्‍थान (Rajasthan Crisis) के सियासी बवाल में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत का पलड़ा भारी दिख रहा है. अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के खिलाफ बगावती रुख अपनाने के लिए सचिन पायलट (Sachin Pilot) एवं उनके साथी नेताओं के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ी कार्रवाई की है. पायलट को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है. कांग्रेस ने इस कदम ने साफ कर दिया है कि वह पायलट से नाता तोड़ने के लिए तैयार है. हालांकि सचिन पायलट को लगातार मनाने की कोशिश कर रही कांग्रेस ने उन्‍हें पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाने का फैसला क्‍यों किया? कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से बात करके हिंदुस्तान टाइम्स ने इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में शामिल कांग्रेस के एक वरिष्‍ठ नेता ने बताया कि सचिन पायलट ने पार्टी के सामने तीन मांगें रखी थीं. जिन्‍हें पार्टी मान नहीं सकती थी. इसमें सबसे महत्‍वपूर्ण मांग ये थी कि 2022 राजस्‍थान विधानसभा चुनाव से एक साल पहले उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाया जाए और इसकी घोषणा जल्‍द ही कर दी जाए. पायलट की दूसरी मांग ये थी कि अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत में उनका साथ देने वाले विधायकों को राज्‍य सरकार में उचित स्‍थान दें. सभी को मंत्री पद देना तो संभव नहीं है, इसलिए ऐसे विधायकों को किसी कॉर्पोरेशन और अन्‍य बॉडीज का प्रमुख ही बना दिया जाए. पायलट ने तीसरी मांग ये रखी थी कि कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे से राज्‍य का प्रभार वापस ले लिया जाए. इसके पीछे उनका ये तर्क था कि अविनाश पांडे का झुकाव गहलोत की तरफ है. पायलट का ये कहना था कि राज्‍य में स्थिति तब सामान्‍य होगी जब किसी तीसरे को प्रभार दिया जाएगा.

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नाम न बताने की शर्त पर वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि हम उन्‍हें मनाने की लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों को मानना संभव नहीं था. अगर ऐसा ही अन्‍य राज्‍यों के नेता भी करने लगे तो क्‍या होगा. हालांकि पायलट के एक सहयोगी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि कांग्रेस किसी अन्‍य राज्‍य में सत्‍ता में नहीं है, तो उन्‍हें किस बात का डर है.
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पायलट को पद से हटाये जाने के बाद एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया
सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष पद से बर्खास्त किये जाने के बाद मंगलवार को नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. पूनिया ने कहा, 'सचिन पायलट के समर्थन में मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. उन्हें यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है.’उन्होंने ट्वीट में कहा, 'मैंने पिछले छह साल प्रदेश के युवाओं की आवाज़ सचिन पायलट के साथ काम किया है और मरते दम तक सचिन पायलट के साथ रहूंगा और उनके नेतृत्व में ही काम करूंगा अंतः मैं एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देता हूं.'

उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान के जाट बिशनोई परिवार के मुखियाओं को जेल भेजने का काम किया हम उस मुख्यमंत्री के साथ काम नहीं कर सकते, हमारा ईमान भी ज़िंदा है, जमीर भी ज़िंदा है. उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल के करीब 400-500 पदाधिकारियों ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है.

पायलट ने कहा: सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं
राजस्थान में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं. इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल से उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का उल्लेख हटा दिया. अब उनके प्रोफाइल में उनके विधायक (टोंक) और पूर्व केंद्रीय मंत्री होने तथा कांग्रेस के वेबसाइट लिंक का उल्लेख है.

कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के बाद उन्होंने ट्वीट किया, 'सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं.' गौरतलब है कि कांग्रेस ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले पायलट को मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पदों से हटा दिया. इसके साथ ही पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पायलट खेमे में गए सरकार के दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह एवं रमेश मीणा को भी उनके पदों से तत्काल हटा दिया.
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