राजस्थान: SC का BJP MLA मदन दिलावर की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार
Jaipur News in Hindi

राजस्थान: SC का BJP MLA मदन दिलावर की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी विधायक मदन दिलावर की याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से किया इनकार

राजस्थान (Rajasthan) में बसपा (BSP) से कांग्रेस (Congress) में शामिल हुए विधायकों के मामले में भाजपा विधायक मदन दिलावर (BJP MLA Madan Dilawar) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 4:52 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के विधायक मदन दिलावर (Madan Dilavar) की याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिलावर की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने की अपील खारिज करते हुए कहा कि कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान सदन में हुए किसी भी तरह के समझौते को अदालत के आदेश के अधीन किया जाएगा.

जस्टिस अरुण मिश्रा (Justice Arun Mishra) की अगुआई वाली बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal), हरीश साल्वे (Harish Salve) और डॉ. राजीव धवन (Rajiv Dhawan) की दलीलें सुनीं जो कि स्पीकर, दिलावर और छह विधायकों में से एक का पक्ष रख रहे थे. अदालत ने राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) में बसपा विधायकों के कांग्रेस के साथ विलय के लिए स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने की याचिका पर आदेश जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि शुक्रवार को होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सदन के फ्लोर पर किसी भी तरह का समझौता या लेन-देन अदालत के आदेश के अधीन होगा.

न्यायालय भाजपा विधायक मदन दिलावर की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रहा था. इस याचिका में राजस्थान विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी के फैसले को रोकने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती दी गई थी, जिसमें बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को मंजूरी दी गई थी.



ये भी पढ़ें :- सीमा विवाद पर चीन बोला- भारत इसे और जटिल ना बनाए, रिश्ते में उतार-चढ़ाव आम बात
सुनवाई के दौरान, सिब्बल ने अदालत को बताया कि यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहा है और डॉ. धवन उसी समय बहस कर रहे थे. बसपा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एससी मिश्रा ने एक अंतरिम आदेश की मांग की और कहा कि अगर इस तरह की चीजों की अनुमति दी जाती है तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं चल सकेगी.

हालांकि, बेंच इस मामले पर सुनवाई करने के लिए इच्छुक नहीं थी क्योंकि केस की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट में हो रही थी.



न्यायालय ने इसी मामले से जुड़ी दिलावर की एक याचिका पर भी सुनवाई की. दिलावर ने इन छह विधायकों के कांग्रेस सदस्यों के रूप में काम करने पर रोक लगाने का अनुरोध ठुकराने वाले राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी. (भाषा के इनपुट सहित)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज