Ajmer: रिश्वत केस में फंसे MDS यूनिवर्सिटी के VC पर कसेगा शिकंजा, ADG दिनेश ने कहा- पर्याप्त सबूत हैं
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Ajmer: रिश्वत केस में फंसे MDS यूनिवर्सिटी के VC पर कसेगा शिकंजा, ADG दिनेश ने कहा- पर्याप्त सबूत हैं
एसीबी प्रो. सिंह पर पिछले 4 महीने से नजर रख रही थी.

रिश्वत केस (Bribery case) में पकड़े गये एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आरपी सिंह (VC Prof. RP Singh) से आज एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने पूछताछ की. एमएन ने मीडिया से कहा कि कुलपति के खिलाफ पर्याप्त सबूत (Sufficient evidence) हैं.

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अजमेर. रिश्वत के केस (Bribery case) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) की गिरफ्त में आये महर्षि दयानंद सरस्वती के कुलपति प्रो. आरपी सिंह (VC Prof. RP Singh) की परेशानी बढ़ना तय है. रिश्वत प्रकरण की विस्तृत जांच-पड़ताल करने मंगलवार को अजमेर आये ब्यूरो के एडीजी दिनेश एमएन ने मीडिया से रू-ब-रू होते हुये कहा कि केस में कुलपति की संलिप्तता के पर्याप्त सबूत (Sufficient evidence) हैं. भीलवाड़ा कॉलेज मामले में कुलपति और दलाल रणजीत ने रिश्वत मांगी थी. फिलहाल केस से जुड़े सभी पक्षों और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से पूछताछ की जायेगी.

एडीजी दिनेश एमएन ने की कुलपति से पूछताछ
इससे पहले एडीजी दिनेश एमएन ने अजमेर पहुंचकर स्थानीय अधिकारियों से पूरे केस पर चर्चा की. उसके बाद आरोपी कुलपति को ब्यूरो ऑफिस लाया गया. वहां एडीजी दिनेश एमएन ने कुलपति से पूछताछ की. वहीं ब्यूरो के अन्य अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है. यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को भी तलब किया गया है. दूसरी तरफ कुलपति प्रो. आरपी सिंह के पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है. सिंह अजमेर से पहले जोधपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके हैं. ब्यूरो उनके सभी पुराने कार्यकाल के रिकॉर्ड की जांच भी करेगी. कुलपति को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें मिली थी.

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कुलपति पर पिछले 4 महीने से नजर रख रही थी एसीबी


सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार कुलपति प्रो. आरपी सिंह पर जोधपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहने के दौरान भी कई आरोप लगे थे. उन्होंने वहां मुख्यमंत्री की मनाही के बावजूद 5 शिक्षकों को नियुक्ति दे दी थी. विवि की ऑनलाइन सेवाओं के ठेके को लेकर भी आरोप लगे थे. सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास ने यह मामला विधानसभा में भी उठाया था. एसीबी अब कुलपति द्वारा दिये गए ठेके ओर कार्यों की भी जांच करेगी. बताया जा रहा है कि कुलपति प्रो. आरपी सिंह हर 15-20 दिन में अपने घर जाते थे. वे पैसा इकट्ठा होने पर अपने घर जाते थे. एसीबी उन पर पिछले 4 महीने से नजर रख रही थी. जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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एसीबी ने कल रंगे हाथों पकड़ा था
उल्लेखनीय है कि एसीबी ने सोमवार को वीसी हाउस में रिश्वत के इस खेल में वीसी समेत उनके दलाल और रिश्वत देने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. कलपति और उनके दलाल रणजीत की संपत्ति और बैंक डिटेल की जांच की रही है.
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